क्या ‘लॉर्ड बॉबी’ बनने से पहले टूट चुके थे बॉबी देओल? शेखर सुमन के शो में छलका दर्द, धर्मेंद्र को याद कर हुए भावुक
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| “पापा घर पर क्यों रहते हैं?” बेटे के सवाल से टूट गए थे बॉबी देओल! |
90 के दशक के सुपरस्टार रहे Bobby Deol को एक वक्त ऐसा भी देखना पड़ा जब काम मिलना लगभग बंद हो गया था। लेकिन आज वही बॉबी देओल OTT से लेकर बड़े पर्दे तक छाए हुए हैं। हाल ही में Shekhar Suman के शो ‘शेखर टूआई’ में पहुंचे बॉबी देओल ने अपने करियर, संघर्ष, परिवार और कमबैक को लेकर कई दिल छू लेने वाली बातें साझा कीं।
इस बातचीत में कहीं हंसी थी, कहीं दर्द था और कहीं एक ऐसे कलाकार की कहानी, जिसने हार मानने से इनकार कर दिया।
“मैं धर्मेंद्र का बेटा हूं” — बॉबी देओल का सबसे बड़ा परिचय
इंटरव्यू के दौरान जब शेखर सुमन ने बॉबी से पूछा कि आखिर असली बॉबी देओल कौन हैं — विजय सिंह देओल, लॉर्ड बॉबी या बाबा निराला?
तो बॉबी ने बेहद सादगी से जवाब दिया,
“मैं धर्मेंद्र का बेटा हूं।”
यही जवाब सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।
बातचीत के दौरान Dharmendra को याद करते हुए बॉबी काफी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि उनके पिता सिर्फ उनके लिए नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए खास इंसान थे।
बॉबी ने कहा,
“पापा जैसा इंसान दोबारा नहीं बन सकता। वो हर इंसान को बराबर प्यार देते थे।”
जब बेटे के सवाल ने बदल दी बॉबी देओल की जिंदगी
इंटरव्यू का सबसे भावुक हिस्सा तब आया जब बॉबी देओल ने अपने संघर्ष के दिनों को याद किया।
उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा था जब उनके पास काम नहीं था और वो घर पर ही रहते थे। उसी दौरान उनके बेटे ने अपनी मां से पूछा था,
“पापा घर पर क्यों रहते हैं? काम पर क्यों नहीं जाते?”
बॉबी ने माना कि इस एक सवाल ने उन्हें अंदर तक हिला दिया।
उन्होंने कहा कि उसी दिन उन्होंने फैसला किया कि अब वो खुद को बदलेंगे। उन्होंने नियमित वर्कआउट शुरू किया और अपनी फिटनेस पर पूरा ध्यान दिया। आज भी बॉबी हफ्ते में छह दिन जिम करते हैं।
‘आश्रम’ ने बदल दी बॉबी देओल की किस्मत
OTT सीरीज Aashram बॉबी देओल के करियर का बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई।
बॉबी ने खुलासा किया कि जब उन्हें पहली बार बाबा निराला का रोल ऑफर हुआ तो वो खुद भी चौंक गए थे। उन्हें लगा था कि शायद उन्हें पुलिस ऑफिसर वाला किरदार मिलेगा।
लेकिन निर्देशक Prakash Jha ने उन पर भरोसा जताया।
बॉबी ने बताया कि इस रोल के लिए उन्होंने दो महीने पहले से तैयारी शुरू कर दी थी। उन्होंने हर डायलॉग का मतलब समझा और किरदार की गहराई को पकड़ने की कोशिश की।
दिलचस्प बात यह भी रही कि प्रकाश झा ने उन्हें किसी बाबा की वीडियो देखने से मना किया था ताकि किरदार कॉपी जैसा ना लगे।
सलमान खान ने दिया था बड़ा सहारा
बॉबी देओल ने बातचीत में Salman Khan का भी जिक्र किया।
उन्होंने बताया कि जब उनके पास काम नहीं था, तब सलमान खान ने उन्हें फिल्म Race 3 ऑफर की।
बॉबी ने कहा,
“सलमान ने मुझे फोन करके कहा था — शर्ट उतारेगा मामू?”
यहीं से बॉबी की दूसरी पारी की शुरुआत हुई। ‘रेस 3’ के बाद युवा दर्शकों ने एक बार फिर बॉबी देओल को नोटिस करना शुरू किया।
‘लॉर्ड बॉबी’ मीम्स पर क्या बोले अभिनेता?
आज सोशल मीडिया पर “लॉर्ड बॉबी” नाम से बॉबी देओल के हजारों मीम्स वायरल होते रहते हैं।
इंटरव्यू में बॉबी ने बताया कि शुरुआत में उन्हें ट्रोल किया गया था क्योंकि एक इवेंट में उनसे DJ जैसा पोज करवाया गया था। बाद में वही मजाक प्यार में बदल गया और लोग उन्हें “लॉर्ड बॉबी” कहकर बुलाने लगे।
उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा,
“अब लोग सच में सोचते हैं कि मैं DJ हूं।”
‘एनिमल’ के बाद बच्चों में भी बढ़ी लोकप्रियता
Animal में अपने किरदार को लेकर भी बॉबी देओल ने बात की।
उन्होंने बताया कि फिल्म रिलीज होने के बाद बच्चे भी उनसे मिलने आने लगे। बॉबी खुद हैरान थे कि इतनी हिंसक और एडल्ट फिल्म देखने के बाद भी बच्चे उन्हें पहचान रहे हैं।
दरअसल, सोशल मीडिया रील्स और फिल्म के म्यूजिक ने उनके किरदार को नई पीढ़ी में बेहद लोकप्रिय बना दिया।
पत्नी को बताया अपनी सबसे बड़ी ताकत
बॉबी देओल ने अपनी पत्नी का जिक्र करते हुए कहा कि कठिन दौर में उन्होंने पूरा घर संभाला।
उन्होंने माना कि जब उनका आत्मविश्वास टूट रहा था, तब उनकी पत्नी ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बनीं।
बॉबी ने कहा,
“आज मैं जो भी हूं, उसमें मेरी पत्नी का सबसे बड़ा योगदान है।”
शेखर सुमन और बॉबी देओल की खास बॉन्डिंग
शेखर सुमन और बॉबी देओल की बातचीत सिर्फ इंटरव्यू नहीं बल्कि दो कलाकारों के बीच भावनात्मक जुड़ाव जैसी लगी।
दोनों ने अपनी फिल्म Shor Machaaye Shor को भी याद किया। शेखर सुमन ने बताया कि उस समय बॉबी देओल ने सार्वजनिक तौर पर उन्हें फिल्म का असली हीरो कहा था।
शेखर ने बॉबी की तारीफ करते हुए कहा कि इंडस्ट्री में बहुत कम लोग दूसरों को खुलकर क्रेडिट देते हैं।
निष्कर्ष
बॉबी देओल की कहानी सिर्फ एक स्टार के कमबैक की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस इंसान की कहानी है जिसने असफलता, आत्म-संदेह और लंबे इंतजार के बाद खुद को दोबारा खड़ा किया।
‘आश्रम’, ‘एनिमल’ और सोशल मीडिया पर मिली नई पहचान ने साबित कर दिया कि अगर कलाकार हार न माने तो समय जरूर बदलता है।
आज बॉबी देओल सिर्फ 90s स्टार नहीं, बल्कि नई पीढ़ी के लिए भी एक मजबूत comeback icon बन चुके हैं।
