CINTAA Meeting: शत्रुघ्न सिन्हा ने धर्मेंद्र को बताया ‘वन एंड ओनली पीपल्स एक्टर’, बॉबी देओल की भी तारीफ

CINTAA मीटिंग में शत्रुघ्न सिन्हा ने धर्मेंद्र को बताया ‘वन एंड ओनली पीपल्स एक्टर’, साथ ही कई दिग्गज कलाकारों की की सराहना

                              

CINTAA मीटिंग में शत्रुघ्न सिन्हा धर्मेंद्र की तारीफ करते हुए
धर्मेंद्र हैं ‘पीपल्स एक्टर’ – शत्रुघ्न सिन्हा


CINTAA की AGM मीटिंग में शत्रुघ्न सिन्हा ने धर्मेंद्र को याद करते हुए उन्हें “वन एंड ओनली पीपल्स एक्टर” बताया। इस दौरान उन्होंने पूनम ढिल्लन, पद्मिनी कोल्हापुरी, राकेश बेदी और पेंटल जैसे कलाकारों की भी खुलकर तारीफ की।


CINTAA AGM मीटिंग: मजदूर दिवस पर कलाकारों का सम्मान

रिपोर्ट्स के अनुसार, 1 मई को CINTAA (Cine and TV Artists Association) की Annual General Meeting (AGM) आयोजित की गई। यह दिन अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस और महाराष्ट्र दिवस के रूप में भी मनाया जाता है, ऐसे में कार्यक्रम का भावनात्मक और सांस्कृतिक महत्व और बढ़ गया।

इस खास मौके पर बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि और सम्मान दिया गया। कार्यक्रम में उनके बेटे बॉबी देओल भी मौजूद रहे, जिससे इस आयोजन की अहमियत और बढ़ गई।


शत्रुघ्न सिन्हा का संबोधन: शुरुआत शुभकामनाओं से

मीटिंग के दौरान शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने भाषण की शुरुआत मजदूर दिवस और महाराष्ट्र दिवस की शुभकामनाओं के साथ की। उन्होंने कहा कि यह दिन उन सभी मेहनतकश कलाकारों और टेक्नीशियनों को समर्पित है, जो इंडस्ट्री की रीढ़ हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि उन्होंने CINTAA से जुड़े सभी कलाकारों के योगदान को सराहा और संगठन के काम की प्रशंसा की।


पूनम ढिल्लन और पद्मिनी कोल्हापुरी की तारीफ

अपने संबोधन में शत्रुघ्न सिन्हा ने कई वरिष्ठ कलाकारों की खुलकर तारीफ की।

उन्होंने पूनम ढिल्लन को “बेहतरीन अदाकारा, इंटेलीजेंट और मेच्योर पर्सनालिटी” बताया। वहीं पद्मिनी कोल्हापुरी के बारे में उन्होंने कहा कि वह बेहद टैलेंटेड अभिनेत्री हैं और इंडस्ट्री में उनका योगदान सराहनीय है।

सूत्रों के मुताबिक, उनके इन शब्दों ने कार्यक्रम में मौजूद कलाकारों के बीच सकारात्मक माहौल बनाया।


राकेश बेदी और पेंटल पर हल्का-फुल्का अंदाज़

शत्रुघ्न सिन्हा ने राकेश बेदी और पेंटल को लेकर भी दिलचस्प बातें साझा कीं।

उन्होंने बताया कि ये दोनों FTII (Film and Television Institute of India) में उनके जूनियर रहे हैं। राकेश बेदी के हालिया काम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वह शुरू से ही ऐसी पहचान के हकदार थे।

पेंटल को लेकर उन्होंने मजाकिया अंदाज़ में कहा कि “आज भले ही सीनियर लगते हैं, लेकिन थे हमारे जूनियर ही।” इस बयान पर कार्यक्रम में हल्की हंसी का माहौल बना।


धर्मेंद्र से पहली मुलाकात: दिलचस्प किस्सा

अपने भाषण का सबसे खास हिस्सा था धर्मेंद्र से जुड़ी यादें।

शत्रुघ्न सिन्हा ने बताया कि जब वह पुणे के FTII में पढ़ाई कर रहे थे, तब उन्होंने पहली बार धर्मेंद्र को फिल्म अनुपमा की शूटिंग के दौरान देखा था, जिसमें देवेन वर्मा भी शामिल थे।

उन्होंने बताया कि वह इतने प्रभावित हुए कि उनसे सिर्फ दो सवाल ही पूछ पाए:

  • पहला सवाल: “आप बालों में कौन सा तेल लगाते हैं?”
    → जवाब: “मैं तेल नहीं लगाता।”

  • दूसरा सवाल: “क्या आप संडे को रेसकोर्स में घोड़े खेलने जाते हैं?”
    → जवाब: “नहीं।”

रिपोर्ट्स के अनुसार, शत्रुघ्न सिन्हा ने इस घटना को हल्के-फुल्के अंदाज़ में साझा किया और बताया कि वह उस समय काफी झिझक गए थे।


स्ट्रगल से स्टारडम तक: धर्मेंद्र के साथ सफर

शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कहा कि वह पटना, बिहार से आए थे और फिल्म इंडस्ट्री में जगह बनाना आसान नहीं था।

उन्होंने बताया कि समय के साथ उन्हें धर्मेंद्र के साथ काम करने का मौका मिला, जो उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि थी।

“मुझे आज भी यकीन नहीं होता था कि मैं उनके साथ बैठकर काम कर रहा हूं,” उन्होंने कहा।


‘वन एंड ओनली पीपल्स एक्टर’ क्यों हैं धर्मेंद्र

अपने भाषण में शत्रुघ्न सिन्हा ने धर्मेंद्र को “वन एंड ओनली पीपल्स एक्टर” बताया।

उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र में सादगी, जोश और मेहनत का अनोखा मेल है। वह सिर्फ स्टार नहीं, बल्कि आम लोगों के हीरो रहे हैं।

रिपोर्ट्स में बताया गया है कि उन्होंने यह भी कहा कि:

  • धर्मेंद्र को दुनिया के सबसे खूबसूरत अभिनेताओं में गिना गया
  • उन्होंने इंडस्ट्री और कलाकारों को हमेशा प्रेरित किया
  • उनका व्यक्तित्व आज भी नए कलाकारों के लिए मिसाल है

संघर्ष के दिनों का किस्सा: ‘फुटबॉलर नहीं, हीरो चाहिए’

शत्रुघ्न सिन्हा ने धर्मेंद्र के शुरुआती संघर्ष का एक किस्सा भी साझा किया।

सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने बताया कि एक निर्माता-निर्देशक ने कभी धर्मेंद्र से कहा था—“मुझे फुटबॉलर नहीं, हीरो चाहिए।”

हालांकि बाद में उसी फिल्ममेकर को धर्मेंद्र के साथ काम करना पड़ा। इस बात का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र ने कभी इस बात का अहसास नहीं कराया।


बॉबी देओल पर टिप्पणी: ‘Most Worthy Son’

कार्यक्रम में मौजूद बॉबी देओल की भी शत्रुघ्न सिन्हा ने तारीफ की।

उन्होंने कहा:
“He is the most worthy son of the most worthy father.”

यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और फैंस इसे एक भावनात्मक और सम्मानजनक टिप्पणी के रूप में देख रहे हैं।


CINTAA और इंडस्ट्री के लिए संदेश

अपने संबोधन के अंत में शत्रुघ्न सिन्हा ने CINTAA और पूरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने संगठन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह कलाकारों के अधिकारों और सम्मान के लिए अहम भूमिका निभाता है।

उन्होंने सभी कलाकारों—जिनमें साहिला चड्ढा और दीपक पराशर जैसे नाम शामिल हैं—को मजदूर दिवस की शुभकामनाएं दीं।


Bollywood Context: क्यों अहम है यह बयान

Bollywood इंडस्ट्री में वरिष्ठ कलाकारों द्वारा इस तरह के बयान न सिर्फ सम्मान का प्रतीक होते हैं, बल्कि यह इंडस्ट्री के इतिहास और परंपरा को भी दर्शाते हैं।

धर्मेंद्र जैसे कलाकारों का प्रभाव कई पीढ़ियों तक रहा है, और शत्रुघ्न सिन्हा जैसे समकालीन कलाकारों द्वारा उनकी सराहना इस विरासत को और मजबूत करती है।


निष्कर्ष (Conclusion)

CINTAA की AGM मीटिंग में शत्रुघ्न सिन्हा का संबोधन सिर्फ एक भाषण नहीं, बल्कि इंडस्ट्री के दिग्गज कलाकारों के प्रति सम्मान और अनुभवों का साझा मंच था।

धर्मेंद्र को “पीपल्स एक्टर” बताना और उनके संघर्ष व सफलता को याद करना यह दर्शाता है कि उनकी छवि आज भी उतनी ही मजबूत है।

इस तरह के आयोजन Bollywood के इतिहास, मूल्यों और कलाकारों के आपसी सम्मान को जीवित रखते हैं।


आप इस पूरे मामले पर क्या सोचते हैं? क्या धर्मेंद्र सच में “वन एंड ओनली पीपल्स एक्टर” हैं?

नीचे कमेंट करें, इस खबर को शेयर करें और ऐसे ही अपडेट्स के लिए हमें फॉलो करें।


ये भी पढ़ें: 


FilmyRaaz

FilmyRaaz एक हिंदी एंटरटेनमेंट प्लेटफॉर्म है जहाँ बॉलीवुड की अनसुनी कहानियाँ, कंट्रोवर्सी और फिल्म अपडेट्स मिलती हैं।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने