Mithun Chakraborty को ‘B-Grade’ कहकर ठुकराती थीं हीरोइनें, फिर Zeenat Aman ने कही एक बात और बदल गई पूरी किस्मत
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| ZEENAT NE BADLI KISMAT |
जब बॉलीवुड ने दरवाज़े बंद किए, तब एक स्टार ने खोला रास्ता
आज जब मिथुन चक्रवर्ती का नाम भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में लिया जाता है, तब यह कल्पना करना भी मुश्किल लगता है कि एक समय ऐसा था जब बॉलीवुड की बड़ी-बड़ी हीरोइनें उनके साथ काम करने से इनकार कर देती थीं।
नेशनल अवॉर्ड जीतने के बावजूद उन्हें “छोटा स्टार”, “बी-ग्रेड एक्टर” और “कभी हीरो नहीं बन पाएगा” जैसे ताने सुनने पड़ते थे।
लेकिन फिर एक दिन इंडस्ट्री की सबसे ग्लैमरस और नंबर-1 अभिनेत्रियों में शामिल Zeenat Aman ने ऐसा फैसला लिया जिसने न सिर्फ मिथुन का करियर बदल दिया, बल्कि बॉलीवुड की सोच भी बदल दी।
यही पुरानी कहानी इन दिनों फिर से वायरल हो रही है और सोशल मीडिया पर लोग इसे बॉलीवुड की सबसे प्रेरणादायक untold stories में से एक बता रहे हैं।
नेशनल अवॉर्ड मिला, लेकिन काम नहीं मिला
कम लोग जानते हैं कि मिथुन चक्रवर्ती ने अपने करियर की शुरुआत शानदार तरीके से की थी।
उनकी पहली फिल्म ‘मृगया’ के लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। आमतौर पर ऐसा माना जाता है कि नेशनल अवॉर्ड मिलने के बाद किसी कलाकार के लिए इंडस्ट्री के दरवाज़े खुल जाते हैं।
लेकिन मिथुन के साथ कहानी बिल्कुल उल्टी थी।
पुरस्कार मिलने के बावजूद उन्हें लगातार संघर्ष करना पड़ा। कई निर्माता और कलाकार उन्हें मुख्यधारा का हीरो मानने को तैयार नहीं थे। कुछ लोग उनके लुक्स पर सवाल उठाते थे, तो कुछ उनकी सफलता की संभावना पर।
जब बड़ी हीरोइनें करने लगीं इनकार
एक पुराने इंटरव्यू और टीवी शो में मिथुन चक्रवर्ती ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बड़ा खुलासा किया था।
उन्होंने बताया कि उस दौर में कोई भी बड़ी अभिनेत्री उनके साथ फिल्म साइन करने को तैयार नहीं होती थी।
मिथुन के मुताबिक, कई बार तो फिल्म की घोषणा हो जाने के बाद भी अभिनेत्रियां प्रोजेक्ट छोड़ देती थीं।
उनका कहना था कि इंडस्ट्री में यह धारणा बना दी गई थी कि वे “बी-ग्रेड फिल्मों” के अभिनेता हैं और कभी बड़े स्टार नहीं बन पाएंगे।
क्या दूसरे सितारे भी थे असहज?
मिथुन ने बिना किसी का नाम लिए एक और दिलचस्प बात कही थी।
उनके अनुसार, उन्हें यह सुनने को मिलता था कि कुछ स्थापित अभिनेता नहीं चाहते थे कि बड़ी हीरोइनें उनके साथ काम करें।
उन्होंने कहा था कि कई बार अभिनेत्रियों पर दबाव डाला जाता था कि अगर वे मिथुन के साथ काम करेंगी तो दूसरे बड़े सितारों के साथ अवसर कम हो सकते हैं।
हालांकि मिथुन ने कभी किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन यह बयान वर्षों से चर्चा का विषय बना हुआ है।
फिर आई Zeenat Aman और बदल गई कहानी
बॉलीवुड में कुछ फैसले इतिहास बदल देते हैं।
मिथुन की जिंदगी में ऐसा ही एक मोड़ तब आया जब निर्देशक बृज सदानाह अपनी फिल्म ‘तकदीर’ के लिए हीरोइन की तलाश कर रहे थे।
फिल्म में हीरो मिथुन चक्रवर्ती थे।
उस समय जब कई अभिनेत्रियां उनके साथ काम करने से हिचकिचा रही थीं, तब Zeenat Aman ने स्क्रिप्ट सुनी और मिथुन को देखा।
मिथुन के अनुसार, ज़ीनत ने कहा था— “क्या हैंडसम आदमी है, मैं इनके साथ फिल्म करूंगी।”
यह सिर्फ एक तारीफ नहीं थी।
यह वह क्षण था जिसने इंडस्ट्री में मिथुन को लेकर बनी धारणा को बदलना शुरू कर दिया।
एक वाक्य जिसने तोड़ दिया ‘पनोती’ टैग
मिथुन ने कई मौकों पर स्वीकार किया है कि Zeenat Aman ने उनके नाम से जुड़ा वह नकारात्मक टैग तोड़ दिया था जो उनके करियर को रोक रहा था।
उन्होंने कहा था कि ज़ीनत उस समय नंबर-1 हीरोइन थीं।
जब उन्होंने मिथुन के साथ काम करने का फैसला किया, तब दूसरी अभिनेत्रियों का नजरिया भी बदलने लगा।
धीरे-धीरे वे कलाकार, जो पहले उनके साथ फिल्में करने से बचते थे, अब उनके साथ काम करने के लिए तैयार होने लगे।
‘तकदीर’ के बाद कैसे बदली किस्मत?
‘तकदीर’ सिर्फ एक फिल्म नहीं थी।
यह मिथुन चक्रवर्ती के करियर का टर्निंग पॉइंट बन गई।
मिथुन का मानना है कि इसी दौर के बाद उन्हें ए-कैटेगरी स्टार के रूप में देखा जाने लगा।
इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
‘डिस्को डांसर’, ‘प्यार झुकता नहीं’, ‘कमांडो’, ‘डांस डांस’ और कई सुपरहिट फिल्मों ने उन्हें देशभर में लोकप्रिय बना दिया।
वे आम आदमी के सुपरस्टार बन गए।
सिर्फ को-स्टार नहीं, करियर की सबसे बड़ी सपोर्टर
मिथुन चक्रवर्ती आज भी Zeenat Aman का नाम बेहद सम्मान के साथ लेते हैं।
उन्होंने कई बार सार्वजनिक मंचों पर कहा है कि वे ज़िंदगी भर ज़ीनत के आभारी रहेंगे।
उनके शब्दों में, अगर ज़ीनत अमान उस समय उनका साथ न देतीं, तो शायद उनका सफर और भी कठिन हो सकता था।
क्यों फिर वायरल हो रही है यह पुरानी कहानी?
2026 में एक बार फिर यह पुराना इंटरव्यू और उससे जुड़ी बातें सुर्खियों में हैं।
कारण सिर्फ इतना नहीं कि इसमें दो बड़े सितारों का नाम है।
असल वजह यह है कि यह कहानी बॉलीवुड के उस चेहरे को दिखाती है जिसे दर्शक अक्सर नहीं देख पाते।
एक तरफ संघर्ष कर रहा कलाकार और दूसरी तरफ इंडस्ट्री की सबसे बड़ी स्टार, जिसने भीड़ से अलग जाकर प्रतिभा पर भरोसा किया।
यही वजह है कि सोशल मीडिया पर लोग इसे “असल सच”, “behind the scenes कहानी” और “बॉलीवुड की सबसे प्रेरणादायक दोस्ती” जैसे नाम दे रहे हैं।
असली सबक क्या है?
मिथुन चक्रवर्ती और Zeenat Aman की यह कहानी सिर्फ बॉलीवुड की खबर नहीं है।
यह याद दिलाती है कि कई बार किसी इंसान की जिंदगी बदलने के लिए बड़े भाषण नहीं, बल्कि सही समय पर किया गया एक छोटा-सा भरोसा काफी होता है।
जब पूरी इंडस्ट्री मिथुन को संदेह की नजर से देख रही थी, तब ज़ीनत अमान ने उनमें एक स्टार देखा।
और इतिहास गवाह है कि उनका भरोसा गलत नहीं था।
आपका क्या मानना है?
क्या Zeenat Aman का वह फैसला मिथुन चक्रवर्ती के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट था? या आपको लगता है कि उनकी मेहनत और संघर्ष ही उन्हें सुपरस्टार बनाने के लिए काफी थे? अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए।
