72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स 2026: Article 370 से श्रीकांत तक, इन फिल्मों ने जीते राष्ट्रीय पुरस्कार, देखें पूरी Winners List
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| 72वें NATIONAL AWARDS WINNERS Article 370 से श्रीकांत तक... किसने जीता बड़ा सम्मान? |
क्या इस साल की सबसे चर्चित फिल्म ने सच में इतिहास रच दिया?
हर साल राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का इंतजार होता है, लेकिन इस बार नतीजों ने कई लोगों की उम्मीदों को सही साबित किया तो कई को चौंका भी दिया। क्या दर्शकों की पसंद और जूरी की पसंद एक जैसी रही? क्या बॉक्स ऑफिस पर कमाल दिखाने वाली फिल्मों ने यहां भी बाज़ी मारी? या फिर कहानी, अभिनय और सामाजिक संदेश ने स्टार पावर को पीछे छोड़ दिया?
एक तरफ ऐसी फिल्म थी जिसने रिलीज़ के समय देशभर में बहस छेड़ दी। दूसरी तरफ एक ऐसी प्रेरणादायक कहानी थी जिसने दर्शकों का दिल जीता। और इनके बीच कई ऐसी फिल्में भी थीं, जिनका नाम शायद आम दर्शक रोज़ नहीं सुनता, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें सबसे बड़ा सम्मान मिला।
यही वजह है कि 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स सिर्फ पुरस्कारों की सूची नहीं हैं, बल्कि भारतीय सिनेमा के बदलते चेहरे की कहानी भी हैं। इस बार के विजेताओं ने साफ कर दिया कि अच्छी कहानी, दमदार निर्देशन और बेहतरीन अभिनय आज भी सबसे बड़ी ताकत है।
लेकिन आखिर किन फिल्मों ने सबसे ज्यादा चर्चा बटोरी? किसे मिला सबसे प्रतिष्ठित सम्मान? और कौन-सी फिल्में उम्मीद के मुताबिक जीत नहीं सकीं? आगे बढ़ते हैं पूरी कहानी की ओर।
आखिर मामला क्या है?
72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में वर्ष 2024 में प्रमाणित फिल्मों का मूल्यांकन किया गया। देशभर की विभिन्न भाषाओं की फिल्मों को अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित किया गया। इन पुरस्कारों का उद्देश्य केवल व्यावसायिक सफलता नहीं, बल्कि कलात्मक गुणवत्ता, सामाजिक प्रभाव और तकनीकी उत्कृष्टता को भी सम्मान देना होता है।
इस बार हिंदी सिनेमा की कई चर्चित फिल्मों ने अलग-अलग श्रेणियों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। वहीं क्षेत्रीय सिनेमा ने भी एक बार फिर साबित किया कि भारतीय फिल्मों की असली ताकत उसकी विविधता में छिपी है।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। असली दिलचस्पी तो उन फिल्मों में है जिन्होंने सबसे बड़ा सम्मान अपने नाम किया।
इस बार क्यों खास रहे 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स?
पिछले कुछ वर्षों में भारतीय सिनेमा लगातार बदल रहा है। अब सिर्फ बड़े सितारे ही सफलता की गारंटी नहीं हैं। कंटेंट आधारित फिल्में भी दर्शकों और समीक्षकों दोनों का दिल जीत रही हैं।
72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स के नतीजों ने इसी बदलाव पर एक तरह से मुहर लगा दी। सामाजिक मुद्दों, वास्तविक घटनाओं और प्रेरणादायक किरदारों पर बनी फिल्मों को इस बार खास पहचान मिली।
यही वजह है कि विजेताओं की सूची केवल पुरस्कारों की लिस्ट नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा की बदलती सोच का दस्तावेज भी बन गई है।
अब जानते हैं कि किन फिल्मों ने सबसे बड़ा सम्मान हासिल किया।
72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स 2026 Winners List
Best Feature Film
Article 370
यामी गौतम अभिनीत Article 370 को इस साल का सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म सम्मान मिला। फिल्म ने संवेदनशील राजनीतिक विषय को मुख्यधारा के सिनेमा में पेश किया और राष्ट्रीय स्तर पर सबसे बड़ा पुरस्कार अपने नाम कर लिया।
यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि रिलीज़ के समय फिल्म चर्चा और बहस दोनों का केंद्र बनी थी।
Best Hindi Film
श्रीकांत
राजकुमार राव अभिनीत श्रीकांत को सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। दृष्टिबाधित उद्योगपति श्रीकांत बोल्ला के जीवन पर आधारित इस फिल्म को प्रेरणादायक कहानी और संवेदनशील प्रस्तुति के लिए सराहा गया।
Best Direction
इस श्रेणी में जूरी ने ऐसे निर्देशक को सम्मानित किया जिसकी फिल्म ने तकनीकी और रचनात्मक दोनों स्तरों पर अलग पहचान बनाई।
Best Actor
इस वर्ष कार्तिक आर्यन और ममूटी को संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला।
कार्तिक आर्यन को उनकी फिल्म चंदू चैंपियन के लिए सम्मानित किया गया, जबकि ममूटी को मलयालम सिनेमा में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए यह सम्मान मिला।
यह परिणाम इस साल के सबसे चर्चित फैसलों में से एक रहा।
Best Actress
यामी गौतम को Article 370 में दमदार अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया।
रिलीज़ के समय उनके अभिनय की काफी सराहना हुई थी और अब राष्ट्रीय पुरस्कार ने उस प्रदर्शन पर आधिकारिक मुहर लगा दी।
अन्य प्रमुख विजेता फिल्में
इसके अलावा विभिन्न श्रेणियों में कई भारतीय भाषाओं की फिल्मों को सम्मानित किया गया। इनमें तकनीकी, संगीत, पटकथा, संपादन, सिनेमैटोग्राफी और बाल फिल्मों सहित कई श्रेणियां शामिल रहीं।
इन पुरस्कारों ने एक बार फिर दिखाया कि भारतीय सिनेमा केवल हिंदी फिल्मों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के हर क्षेत्र की कहानियां राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना रही हैं।
लोगों की प्रतिक्रिया
जैसे ही विजेताओं की घोषणा हुई, सोशल मीडिया पर बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया। फिल्म प्रेमियों ने कई फैसलों का स्वागत किया, जबकि कुछ पुरस्कारों को लेकर अलग-अलग राय भी सामने आई।
हालांकि अधिकांश प्रतिक्रियाओं में यही बात सामने आई कि इस बार कंटेंट आधारित फिल्मों को प्राथमिकता मिली है।
यही कारण है कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की विश्वसनीयता पर एक बार फिर सकारात्मक चर्चा देखने को मिली।
भारतीय सिनेमा के लिए क्या मायने रखते हैं ये पुरस्कार?
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार किसी फिल्म की कमाई नहीं देखते, बल्कि उसके रचनात्मक स्तर का मूल्यांकन करते हैं।
इसी वजह से कई बार ऐसी फिल्में भी राष्ट्रीय सम्मान जीत लेती हैं जो बॉक्स ऑफिस पर बहुत बड़ी हिट नहीं रही होतीं। वहीं कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों को पुरस्कार नहीं मिल पाते।
72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स ने भी यही संदेश दिया कि मजबूत कहानी, प्रभावशाली अभिनय और उत्कृष्ट फिल्म निर्माण आज भी सबसे बड़ी पहचान है।
आगे क्या?
अब सभी की नजर राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार वितरण समारोह पर रहेगी, जहां विजेताओं को औपचारिक रूप से सम्मानित किया जाएगा।
इसके साथ ही इन पुरस्कारों के बाद कई विजेता फिल्मों की लोकप्रियता और डिजिटल व्यूअरशिप में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
लेकिन एक सवाल अब भी बना हुआ है—क्या अगले साल भी कंटेंट आधारित फिल्मों का यही दबदबा रहेगा, या फिर कोई नई सिनेमाई लहर भारतीय सिनेमा की दिशा बदल देगी? यही आने वाला समय तय करेगा।
