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क्या हर बड़े निर्देशक की पहली OTT सीरीज भी उतनी ही दमदार होती है, जितनी उसकी फिल्में? यही सवाल पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर गूंज रहा था। वजह थी राजकुमार हिरानी की पहली वेब सीरीज 'Pritam and Pedro'।
ट्रेलर ने उम्मीदें बहुत बड़ी कर दी थीं। एक तरफ अर्शद वारसी की वापसी, दूसरी तरफ हिरानी के बेटे वीर हिरानी का डेब्यू और ऊपर से साइबर क्राइम की दुनिया। लेकिन रिलीज के बाद दर्शकों की राय दो हिस्सों में बंटती नजर आई।
आखिर क्या Pritam and Pedro सच में देखने लायक है, या फिर यह उन उम्मीदों पर खरी नहीं उतरती जो राजकुमार हिरानी के नाम से जुड़ी रहती हैं? आइए जानते हैं इस Review में पूरा सच।
दो दशक से ज्यादा समय तक मुन्नाभाई MBBS, 3 Idiots, PK, Sanju और Dunki जैसी फिल्में देने वाले राजकुमार हिरानी ने पहली बार OTT की दुनिया में कदम रखा है।
यह सीरीज 3 जुलाई 2026 को JioHotstar पर रिलीज हुई। कहानी गोवा की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जहां एक पुराने ख्यालों वाला पुलिस अधिकारी और एक टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट युवा मिलकर साइबर अपराधों की गुत्थियां सुलझाते हैं।
सीरीज की शुरुआत एक मामूली चोरी से होती है।
लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, मामला साइबर फ्रॉड, डिजिटल सबूतों और हाई-प्रोफाइल अपराध तक पहुंच जाता है।
यहीं एंट्री होती है दो बिल्कुल अलग सोच वाले किरदारों की।
एक तरफ हैं Pedro, जो अपने अनुभव और इंसानी समझ पर भरोसा करते हैं।
दूसरी तरफ हैं Pritam, जिनके लिए हर जवाब टेक्नोलॉजी और डेटा में छिपा होता है।
यही विरोधाभास इस सीरीज की सबसे बड़ी ताकत भी बनता है।
अगर पूरी सीरीज में कोई कलाकार सबसे ज्यादा प्रभावित करता है तो वह हैं अर्शद वारसी।
उनकी कॉमिक टाइमिंग, सहज अभिनय और स्क्रीन प्रेजेंस हर एपिसोड को जीवंत बना देती है।
कई दर्शकों को उनके किरदार में मुन्नाभाई दौर वाली गर्मजोशी की झलक भी महसूस हुई।
कमाल की बात यह है कि अर्शद अपने किरदार को ओवरएक्टिंग में नहीं बदलते। वह बेहद नैचुरल दिखाई देते हैं।
सीरीज का सबसे चर्चित पहलू रहा वीर हिरानी का अभिनय।
क्योंकि वह राजकुमार हिरानी के बेटे हैं, इसलिए रिलीज से पहले ही सोशल मीडिया पर उन्हें लेकर बहस शुरू हो गई थी।
राजकुमार हिरानी ने खुद बताया था कि वीर को भी दूसरे कलाकारों की तरह ऑडिशन देना पड़ा था और केवल बेटे होने की वजह से उन्हें भूमिका नहीं मिली।
स्क्रीन पर वीर एक ईमानदार कोशिश करते नजर आते हैं।
हालांकि कई समीक्षकों का मानना है कि अनुभव की कमी कुछ दृश्यों में साफ दिखाई देती है, जबकि कुछ दर्शकों ने उनके शांत और संयमित अभिनय की सराहना भी की।
विक्रांत मैसी का किरदार कहानी में रहस्य बनाए रखता है।
उनकी मौजूदगी स्क्रीन पर आते ही कहानी का टोन बदल जाता है।
राजकुमार हिरानी की फिल्मों की तरह यहां भी खलनायक को पूरी तरह काला या सफेद नहीं दिखाया गया। रिलीज से पहले खुद विक्रांत मैसी ने कहा था कि हिरानी की कहानियों में विलेन भी इंसानी भावनाओं से जुड़े होते हैं।
अगर आप राजकुमार हिरानी की फिल्मों के बड़े प्रशंसक हैं तो इस सीरीज से आपकी उम्मीदें भी काफी ऊंची होंगी।
यहीं Pritam and Pedro थोड़ा पीछे रह जाती है।
सीरीज में कई अच्छे आइडिया हैं, लेकिन उन्हें जिस गहराई से दिखाया जाना चाहिए था, वह हर जगह नजर नहीं आती। कुछ एपिसोड तेज रफ्तार से आगे बढ़ते हैं, जबकि कुछ हिस्से जरूरत से ज्यादा लंबे महसूस होते हैं। कई समीक्षकों ने इसकी पेसिंग और लेखन को इसकी सबसे बड़ी कमजोरी बताया है।
कम लोग जानते हैं कि इस सीरीज की कहानी साइबर अपराध से जुड़े वास्तविक अनुभवों और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ अमित दुबे की पुस्तकों से प्रेरित है।
यही वजह है कि इसमें ऑनलाइन फ्रॉड, डिजिटल जांच और साइबर दुनिया के कई पहलुओं को मनोरंजन के साथ जोड़ने की कोशिश की गई है। हालांकि कुछ समीक्षाओं का मानना है कि जिन साइबर अपराधों को दिखाया गया है, उनमें से कई आज के समय के हिसाब से पुराने लगते हैं।
गोवा की लोकेशन सीरीज को ताजगी देती है।
सिनेमैटोग्राफी खूबसूरत है और बैकग्राउंड स्कोर कहानी के मूड को सपोर्ट करता है।
निर्देशक अविनाश अरुण ने कई दृश्यों को बड़े पर्दे जैसा लुक देने की कोशिश की है। हालांकि स्क्रीनप्ले हर जगह उसी स्तर का प्रभाव नहीं छोड़ पाता।
अगर आपको मिस्ट्री, हल्का-फुल्का हास्य और दोस्ती पर आधारित कहानियां पसंद हैं तो Pritam and Pedro एक बार जरूर देखी जा सकती है।
यह कोई तेज रफ्तार थ्रिलर नहीं है, बल्कि कॉमेडी, इमोशन और इन्वेस्टिगेशन का मिश्रण है। इसलिए इसे उसी उम्मीद के साथ देखें।
Pritam and Pedro में अर्शद वारसी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरते हैं।
वीर हिरानी का डेब्यू ईमानदार है, लेकिन अभी उन्हें खुद को और साबित करना होगा।
विक्रांत मैसी, बोमन ईरानी और मोना सिंह जैसे बेहतरीन कलाकार मौजूद होने के बावजूद उन्हें सीमित स्पेस मिला है। दूसरी ओर, सीरीज दोस्ती और मानवीय रिश्तों के भावनात्मक पहलू को अच्छी तरह पेश करती है।
अगर आप सिर्फ राजकुमार हिरानी के नाम पर एक और 3 Idiots या Munna Bhai जैसी फिल्मी जादू की उम्मीद लेकर बैठेंगे, तो शायद थोड़ी निराशा हो सकती है।
लेकिन अगर आप बिना ज्यादा उम्मीद के एक हल्की-फुल्की, मनोरंजक और अलग विषय वाली वेब सीरीज देखना चाहते हैं, तो Pritam and Pedro आपको निराश भी नहीं करेगी।
अब आपकी बारी...
क्या आपने Pritam and Pedro देख ली है? आपको अर्शद वारसी का अभिनय कैसा लगा? क्या यह सीरीज राजकुमार हिरानी के नाम के साथ न्याय करती है, या आपको इससे कहीं ज्यादा उम्मीद थी? अपनी राय हमें कमेंट में जरूर बताइए।
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