डेविड धवन का बड़ा खुलासा: ‘शोला और शबनम’ में था ‘दिल’ और ‘घायल’ का फॉर्मूला, संघर्ष के दिनों में ₹700 की नौकरी करते थे निर्देशक

डेविड धवन का बड़ा खुलासा: ‘शोला और शबनम’ में था ‘दिल’ और ‘घायल’ का फॉर्मूला, संघर्ष के दिनों में ₹700 की नौकरी करते थे निर्देशक

डेविड धवन… एक ऐसा डायरेक्टर जिसने ₹700 की नौकरी से शुरुआत की और बॉलीवुड को एक से बढ़कर एक सुपरहिट फिल्में दीं।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक वक्त ऐसा भी था जब वो फिल्मों की फ्लॉप से टूटकर वापस एडिटिंग करने वाले थे?
गोविंदा, सलमान खान, संजय दत्त और सुनील दत्त से जुड़ी उनकी अनसुनी कहानियां अब सामने आई हैं।
‘शोला और शबनम’ का असली फॉर्मूला क्या था? और क्यों कहते हैं डेविड धवन — “जर्नलिस्ट फ्राइडे को बकवास बोलते थे, सैटरडे को फिल्म हिट हो जाती थी!”
ये सिर्फ एक इंटरव्यू नहीं, बल्कि बॉलीवुड के गोल्डन दौर का अंदरूनी सच है।
डेविड धवन अपने संघर्ष और बॉलीवुड करियर के बारे में बात करते हुए
₹700 की नौकरी से बॉलीवुड के सबसे बड़े डायरेक्टर बनने तक | David Dhawan Untold Story



“मैं एडिटिंग पर वापस जाने वाला था…” डेविड धवन ने सुनाई संघर्ष, सुपरहिट फिल्मों और गोविंदा-सलमान की अनसुनी कहानी

हिंदी सिनेमा के सबसे सफल कॉमेडी डायरेक्टर्स में गिने जाने वाले David Dhawan ने हाल ही में अपने संघर्ष, करियर और सुपरहिट फिल्मों के पीछे की सोच को लेकर कई बड़े खुलासे किए।
एक इवेंट के दौरान बेटे Varun Dhawan के साथ बातचीत में डेविड धवन ने अपनी जिंदगी के ऐसे किस्से सुनाए, जो शायद ही पहले कभी सामने आए हों।

₹700 की नौकरी से लेकर मुंबई में स्ट्रगल, Govinda और Salman Khan के साथ दोस्ती, और फ्लॉप फिल्मों के बाद टूटने तक… इस बातचीत में डेविड धवन ने अपनी पूरी फिल्मी यात्रा को खुलकर बयान किया।


असली नाम डेविड नहीं, ‘राजेंद्र धवन’ है

बहुत कम लोग जानते हैं कि डेविड धवन का असली नाम राजेंद्र धवन है। उन्होंने बताया कि उनका बचपन अगरतला, कोलकाता, लखनऊ और कानपुर जैसे शहरों में बीता।

उन्होंने कहा,

“मेरा एक्चुअल नाम राजेंद्र धवन है। FTII में जाने के बाद मेरे पिता ने कहा कि डेविड नाम ही रखो।”

डेविड नाम पड़ने के पीछे भी दिलचस्प कहानी है। बचपन में वे अपने चाचा-चाची के साथ रहते थे और पड़ोस में एक यहूदी परिवार था। वहीं से उन्हें “डेविड” बुलाया जाने लगा और बाद में यही नाम उनकी पहचान बन गया।


बचपन में दो मांओं का प्यार मिला

डेविड धवन ने भावुक अंदाज में बताया कि उन्होंने अपनी चाची को ही बचपन में मां समझा था। वे करीब तीन साल की उम्र तक चाचा-चाची के साथ रहे और बाद में अपने असली माता-पिता के पास लौटे।

उन्होंने कहा कि जिंदगी के आखिरी समय तक वे अपनी चाची से मिलने जाते रहे। यही वजह है कि उनके अंदर परिवार को लेकर हमेशा एक अलग भावनात्मक जुड़ाव रहा।


क्रिकेटर बनना चाहते थे, लेकिन पहुंच गए फिल्मों में

डेविड धवन ने खुलासा किया कि वे स्टेट लेवल क्रिकेट और टेबल टेनिस खेल चुके हैं। उन्हें खुद भी नहीं पता था कि आगे क्या करना है।

उनके बड़े भाई Anil Dhawan जब FTII पहुंचे, तब पहली बार उनके मन में फिल्मों का ख्याल आया। बाद में वे भी FTII पहुंचे, जहां उनके सीनियर्स में Mithun Chakraborty और Shakti Kapoor जैसे कलाकार शामिल थे।


मुंबई में ₹700 की नौकरी और PG वाला संघर्ष

आज करोड़ों की फिल्में बनाने वाले डेविड धवन कभी मुंबई में छोटे से PG में पांच लोगों के साथ रहते थे।

उन्होंने बताया कि वे बॉम्बे टेलीविजन में एडिटर की नौकरी करते थे, जहां 28 दिन के कॉन्ट्रैक्ट पर लगभग ₹700 मिलते थे।

उनके साथ उस समय Rakesh Bedi, Alok Nath और Ravi Baswani जैसे संघर्षरत कलाकार भी आसपास रहते थे।

डेविड धवन ने कहा,

“मैं लोकल ट्रेन पकड़कर काम पर जाता था। स्ट्रगल बहुत था, लेकिन वही असली मजा था।”


सुनील दत्त ने बदल दी जिंदगी

डेविड धवन ने माना कि Sunil Dutt ने उनके करियर में सबसे बड़ा रोल निभाया।

फिल्म Naam की एडिटिंग के दौरान दत्त साहब ने उनका काम देखा और कहा,

“तू डायरेक्टर क्यों नहीं बनता?”

इसके बाद संजय दत्त की फिल्म Taaqatwar के लिए उन्हें निर्देशक के रूप में मौका मिला। यहीं से उनकी डायरेक्टर वाली यात्रा शुरू हुई।


गोविंदा की एनर्जी देखकर दंग रह गए थे डेविड धवन

Taaqatwar में पहली बार Govinda के साथ काम करते हुए डेविड धवन समझ गए थे कि यह अभिनेता कुछ अलग है।

उन्होंने कहा,

“100% लगा था कि ये लड़का कुछ भी कर सकता है।”

बाद में दोनों ने मिलकर हिंदी सिनेमा की सबसे यादगार कॉमेडी फिल्मों की लंबी लिस्ट दी।
Coolie No.1, Hero No.1, Saajan Chale Sasural, Deewana Mastana और Aankhen जैसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड बनाए।


‘शोला और शबनम’ का फॉर्मूला सुनकर चौंक जाएंगे

डेविड धवन ने अपनी सुपरहिट फिल्म Shola Aur Shabnam का फॉर्मूला भी पहली बार बताया।

उन्होंने कहा,

“पहला हाफ ‘दिल’ था और सेकंड हाफ ‘घायल’।”

यानि फिल्म का पहला हिस्सा हल्का-फुल्का रोमांटिक और मनोरंजक रखा गया, जबकि इंटरवल के बाद कहानी पूरी तरह एक्शन और इमोशनल मोड में चली जाती थी।


एक समय ऐसा आया जब फिल्मों के फ्लॉप होने से टूट गए थे

डेविड धवन ने स्वीकार किया कि कुछ फ्लॉप फिल्मों के बाद वे दोबारा एडिटिंग में लौटने का सोच रहे थे।

उन्होंने कहा कि उस दौर में उन्होंने Dil और Ghayal देखी और फिर फैसला किया कि अब ऐसी फिल्म बनानी है जिसमें एंटरटेनमेंट और इमोशन दोनों हों।

यहीं से Shola Aur Shabnam जैसी फिल्म बनी और उनका करियर फिर से पटरी पर लौट आया।


सलमान खान के साथ रिश्ता परिवार जैसा था

डेविड धवन ने Salman Khan के साथ अपने रिश्ते को “फैमिली बॉन्ड” बताया।

उन्होंने कहा कि Judwaa के दौरान शुरुआत में उन्हें लगा था कि सलमान थोड़ा डिसइंटरेस्टेड हैं, लेकिन धीरे-धीरे दोनों के बीच गहरी दोस्ती हो गई।

डेविड ने मजाकिया अंदाज में कहा,

“कई बार मैं खुद जाकर सलमान को उठाता था और शूट पर लेकर आता था।”

दोनों ने साथ में Judwaa, Partner, Maine Pyaar Kyun Kiya जैसी सुपरहिट फिल्में दीं।


“आज हर किसी के हाथ में फोन है, सब जर्नलिस्ट बन गए हैं”

आज के फिल्म इंडस्ट्री माहौल पर भी डेविड धवन ने खुलकर बात की।

उन्होंने कहा,

“जिसके हाथ में फोन है, वो भी जर्नलिस्ट बन गया है।”

उनका मानना है कि आज फिल्ममेकर्स खुलकर काम नहीं कर पा रहे क्योंकि हर चीज पर ट्रोलिंग और तुरंत जजमेंट शुरू हो जाता है।


सफलता के बाद भी नहीं आया अहंकार

वरुण धवन ने बातचीत के दौरान पूछा कि क्या कभी सफलता के बाद उनमें घमंड आया?

इस पर डेविड धवन ने साफ कहा,

“कभी नहीं।”

हालांकि उनकी पत्नी ने मजाक में कहा कि कामयाबी के दौर में वे इतने बिजी हो गए थे कि परिवार को समय नहीं दे पाते थे।


‘आंखें’ को बताया अपने करियर की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर

डेविड धवन ने माना कि Aankhen उनके करियर की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर रही।

उन्होंने निर्माता Pahlaj Nihalani को अपना मेंटर बताया और कहा कि उन्होंने प्रोडक्शन और फिल्ममेकिंग की बहुत बारीकियां उन्हीं से सीखी हैं।


निष्कर्ष

डेविड धवन की यह बातचीत सिर्फ एक सफल निर्देशक की कहानी नहीं थी, बल्कि उस इंसान की कहानी थी जिसने संघर्ष, असफलता, दोस्ती और मेहनत के दम पर बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाई।

मुंबई के छोटे PG से लेकर हिंदी सिनेमा के सबसे सफल कॉमेडी डायरेक्टर्स में शामिल होने तक का उनका सफर आज भी नए फिल्ममेकर्स और स्ट्रगलर्स के लिए प्रेरणा है।


ये भी पढ़ें: 


Saurabh Suman

सौरभ सुमन एक अभिनेता और बॉलीवुड कंटेंट क्रिएटर हैं, जो वर्ष 2006 से मनोरंजन जगत से जुड़े हुए हैं। वह FilmyRaaz पर बॉलीवुड न्यूज़, अभिनेता जीवनी, बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड, विवाद और भारतीय सिनेमा से जुड़ी जानकारी साझा करते हैं।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने