धर्मेंद्र को मिला पद्म विभूषण: 300 फिल्मों के बाद देश का बड़ा सम्मान | Dharmendra Padma Vibhushan

 धरम जी को मिला पद्म विभूषण: 65 साल के सफर को मिला देश का सबसे बड़ा सम्मान, भावुक कर देगा यह पल

धर्मेंद्र पद्म विभूषण सम्मान से जुड़ी तस्वीर
धरम जी अमर हैं


क्या आपने कभी सोचा था कि पंजाब के एक छोटे से गांव से निकलकर हिंदी सिनेमा का "ही-मैन" बनने वाला कलाकार एक दिन देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक से नवाजा जाएगा?

जिस अभिनेता ने करोड़ों लोगों को हंसाया, रुलाया, प्यार करना सिखाया और पर्दे पर बहादुरी की नई परिभाषा लिखी, आज उसी धरम जी का नाम इतिहास के सुनहरे पन्नों में एक बार फिर दर्ज हो गया है।

जब राष्ट्रपति भवन में उनका नाम गूंजा, तो सिर्फ एक अभिनेता को सम्मान नहीं मिला, बल्कि भारतीय सिनेमा के एक पूरे युग को सलाम किया गया।

धरम जी यानी धर्मेंद्र सिंह देओल को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया है। यह वही कलाकार हैं जिनकी लोकप्रियता छह दशक बाद भी कम नहीं हुई और जिनकी फिल्मों के संवाद आज भी लोगों की जुबान पर हैं।

देश का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान

पद्म विभूषण भारत का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान माना जाता है। यह सम्मान उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने अपने क्षेत्र में असाधारण और विशिष्ट योगदान दिया हो।

2026 के पद्म पुरस्कारों में धर्मेंद्र का नाम सबसे चर्चित नामों में रहा। गृह मंत्रालय द्वारा जारी सूची में धर्मेंद्र सिंह देओल को कला क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए पद्म विभूषण देने की घोषणा की गई थी।

राष्ट्रपति भवन का वह भावुक पल

25 मई 2026 को राष्ट्रपति भवन में आयोजित पद्म पुरस्कार समारोह में जब धर्मेंद्र को पद्म विभूषण प्रदान किया गया, तब यह सम्मान उनकी ओर से हेमा मालिनी ने ग्रहण किया।

बताया जाता है कि यह पल वहां मौजूद लोगों के लिए बेहद भावुक था। वर्षों तक भारतीय सिनेमा पर राज करने वाले कलाकार को देश की ओर से यह अंतिम बड़ी श्रद्धांजलि थी।

हेमा मालिनी के साथ उनकी बेटी अहाना देओल भी मौजूद थीं। समारोह की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए और लाखों प्रशंसकों ने भावुक प्रतिक्रियाएं दीं।

कम लोग जानते हैं यह कहानी

आज धर्मेंद्र को लोग सुपरस्टार के रूप में जानते हैं, लेकिन उनका शुरुआती सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था।

पंजाब के एक साधारण परिवार से आने वाले धर्मेंद्र फिल्मों के दीवाने थे। कहा जाता है कि वे कई किलोमीटर दूर जाकर फिल्में देखते थे और स्क्रीन पर नजर आने वाले सितारों जैसा बनने का सपना देखते थे।

उस दौर में मुंबई पहुंचना ही एक बड़ी चुनौती थी। न कोई फिल्मी बैकग्राउंड, न कोई गॉडफादर और न ही कोई बड़ा सहारा।

लेकिन शायद किस्मत भी उन्हीं का साथ देती है जो सपने देखने की हिम्मत रखते हैं।

एक टैलेंट कॉन्टेस्ट ने बदल दी जिंदगी

धर्मेंद्र की जिंदगी में बड़ा मोड़ तब आया जब उन्होंने एक टैलेंट प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।

यहीं से उनकी प्रतिभा पर फिल्म निर्माताओं की नजर पड़ी और उन्हें फिल्मों में अवसर मिलने लगे।

शुरुआती दौर आसान नहीं था। कई फिल्मों में छोटे रोल मिले, लेकिन उनकी मेहनत और स्क्रीन प्रेजेंस धीरे-धीरे दर्शकों का ध्यान खींचने लगी।

जब बना हिंदी सिनेमा का नया हीरो

1960 और 1970 का दशक धर्मेंद्र के करियर का स्वर्णिम दौर साबित हुआ।

उन्होंने रोमांटिक फिल्मों से लेकर एक्शन फिल्मों तक हर तरह के किरदार निभाए।

उनकी लोकप्रियता इतनी ज्यादा थी कि दर्शक सिर्फ उनका नाम देखकर टिकट खरीद लेते थे।

उस दौर में धर्मेंद्र सिर्फ अभिनेता नहीं, बल्कि एक भावना बन चुके थे।

शोले ने बना दिया अमर

अगर धर्मेंद्र के करियर की सबसे यादगार फिल्मों की बात हो तो "शोले" का नाम सबसे ऊपर आता है।

वीरू के किरदार में उनकी मासूमियत, कॉमिक टाइमिंग और एक्शन ने उन्हें हमेशा के लिए अमर कर दिया।

"बसंती, इन कुत्तों के सामने मत नाचना" जैसे संवाद आज भी भारतीय सिनेमा की विरासत का हिस्सा हैं।

कम लोग जानते हैं कि शोले की सफलता ने धर्मेंद्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिलाई।

सिर्फ एक्शन हीरो नहीं थे धरम जी

अक्सर धर्मेंद्र को सिर्फ एक्शन स्टार के रूप में याद किया जाता है, लेकिन असल सच यह है कि वे शानदार कॉमिक और भावनात्मक अभिनेता भी थे।

"चुपके चुपके", "सत्यकाम", "अनुपमा", "फूल और पत्थर" जैसी फिल्मों में उनके अभिनय के अलग-अलग रंग देखने को मिले।

यही बहुमुखी प्रतिभा उन्हें अपने दौर के बाकी सितारों से अलग बनाती थी।

300 से ज्यादा फिल्मों का सफर

धर्मेंद्र का फिल्मी सफर छह दशक से अधिक समय तक चला।

उन्होंने 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया और कई पीढ़ियों के दर्शकों का मनोरंजन किया।

बहुत कम अभिनेता ऐसे होते हैं जो इतने लंबे समय तक प्रासंगिक बने रहते हैं।

यही वजह है कि उन्हें सिर्फ एक स्टार नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा का संस्थान कहा जाता है।

पहले भी मिल चुका था पद्म भूषण

दिलचस्प बात यह है कि धर्मेंद्र को इससे पहले 2012 में पद्म भूषण से सम्मानित किया जा चुका था।

अब पद्म विभूषण के साथ उनका नाम उन चुनिंदा फिल्मी हस्तियों में शामिल हो गया है जिन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में जगह मिली।

सोशल मीडिया पर उमड़ा प्यार

पद्म विभूषण सम्मान की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई।

कई लोगों ने लिखा कि यह सम्मान बहुत पहले मिल जाना चाहिए था।

कुछ प्रशंसकों ने इसे "एक युग को मिला सम्मान" बताया तो कुछ ने कहा कि धर्मेंद्र भारतीय सिनेमा की आत्मा थे।

सोशल मीडिया पर पुराने वीडियो, फिल्मी क्लिप्स और यादगार तस्वीरें भी वायरल होने लगीं।

बेटी ईशा देओल हुईं भावुक

इस सम्मान के बाद धर्मेंद्र की बेटी ईशा देओल ने भी भावुक संदेश साझा किया।

उन्होंने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि यह पल गर्व और भावनाओं से भरा हुआ है।

उनकी पोस्ट ने लाखों प्रशंसकों को भावुक कर दिया और एक बार फिर लोगों को धर्मेंद्र की यादों में ले गया।

क्यों खास है यह सम्मान?

हर साल पद्म पुरस्कार दिए जाते हैं, लेकिन कुछ नाम ऐसे होते हैं जो सिर्फ पुरस्कार नहीं लेते, बल्कि उस सम्मान की गरिमा और बढ़ा देते हैं।

धर्मेंद्र उन्हीं नामों में से एक हैं।

उन्होंने सिर्फ फिल्में नहीं कीं, बल्कि भारतीय सिनेमा की पहचान गढ़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उनके किरदार, उनकी मुस्कान, उनका अंदाज और उनकी सादगी आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है।

धरम जी की विरासत अब और मजबूत हो गई

समय बदलता है, सितारे आते-जाते हैं, लेकिन कुछ कलाकार ऐसे होते हैं जो पीढ़ियों के बीच पुल बन जाते हैं।

धर्मेंद्र उन्हीं कलाकारों में शामिल हैं।

पद्म विभूषण ने उनके योगदान को सरकारी मान्यता जरूर दी है, लेकिन करोड़ों भारतीयों के दिलों में उन्हें यह सम्मान वर्षों पहले मिल चुका था।

आज जब लोग उनकी फिल्मों को दोबारा देखते हैं, उनके संवाद दोहराते हैं और उनकी मुस्कान को याद करते हैं, तब महसूस होता है कि कुछ कलाकार कभी विदा नहीं होते।

वे अपनी कला के जरिए हमेशा हमारे साथ रहते हैं।

आपका क्या कहना है?

क्या आपको लगता है कि धर्मेंद्र को यह सम्मान पहले मिल जाना चाहिए था? उनकी कौन सी फिल्म या किरदार आपको सबसे ज्यादा पसंद है? अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए।


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Saurabh Suman

सौरभ सुमन एक अभिनेता और बॉलीवुड कंटेंट क्रिएटर हैं, जो वर्ष 2006 से मनोरंजन जगत से जुड़े हुए हैं। वह FilmyRaaz पर बॉलीवुड न्यूज़, अभिनेता जीवनी, बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड, विवाद और भारतीय सिनेमा से जुड़ी जानकारी साझा करते हैं।

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