राम्या कृष्णन की अनसुनी कहानी: नीलांबरी से शिवगामी बनने तक का सफर
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28 मई को जब बॉलीवुड के कई सितारों को जन्मदिन की शुभकामनाएं मिल रही हैं, उसी दिन एक ऐसे अभिनेता का भी जन्मदिन है जिसे शायद उतनी सुर्खियां नहीं मिलतीं, जितनी उसकी प्रतिभा डिजर्व करती है।
दिलचस्प बात यह है कि इस अभिनेता ने फिल्मों में आने से पहले करीब 10 साल तक फैशन इंडस्ट्री में काम किया था। वह अभिनेता बनने का सपना लेकर मुंबई नहीं आए थे, लेकिन किस्मत उन्हें कैमरे के सामने ले आई।
आज जब लोग उन्हें Shaitan, Hunterrr, Mard Ko Dard Nahi Hota, Dahaad और Guns & Gulaabs जैसे प्रोजेक्ट्स के लिए जानते हैं, तब भी एक सवाल अक्सर पूछा जाता है—इतनी शानदार एक्टिंग के बावजूद गुलशन देवैया सुपरस्टार क्यों नहीं बने?
उनके जन्मदिन पर आइए जानते हैं उनकी untold story, संघर्ष, करियर और वह असल सच जिसके बारे में कम लोग जानते हैं।
Gulshan Devaiah का जन्म 28 मई 1978 को बेंगलुरु में एक कोडावा परिवार में हुआ था। उनका पूरा नाम कंबेयंडा देवैया गुलशन है।
उनके माता-पिता भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) में काम करते थे। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) से फैशन डिजाइनिंग की शिक्षा ली।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती।
असल ट्विस्ट तो इसके बाद शुरू होता है।
आज लोग उन्हें अभिनेता के रूप में जानते हैं, लेकिन करियर की शुरुआत उन्होंने फैशन इंडस्ट्री से की थी।
NIFT से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने लगभग एक दशक तक फैशन डिजाइनर के रूप में काम किया। इतना ही नहीं, वे बेंगलुरु में फैशन भी पढ़ाते थे।
कम लोग जानते हैं कि उस समय उनके जीवन में बॉलीवुड दूर-दूर तक नहीं था।
लेकिन थिएटर ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी।
बेंगलुरु के अंग्रेजी थिएटर ग्रुप्स के साथ काम करते हुए गुलशन देवैया को एहसास हुआ कि उनका असली जुनून एक्टिंग है।
उन्होंने छोटे-छोटे नाटक किए और धीरे-धीरे मंच पर अपनी पहचान बनानी शुरू की।
यहीं से वह फैसला आया जिसने उनकी पूरी जिंदगी बदल दी।
उन्होंने मुंबई का रुख किया।
उस समय न कोई बड़ा गॉडफादर था, न कोई फिल्मी बैकग्राउंड।
सिर्फ प्रतिभा और खुद पर भरोसा था।
मुंबई आने के बाद उन्हें छोटे रोल मिलने लगे।
उनकी शुरुआती फिल्मों में That Girl in Yellow Boots शामिल थी, लेकिन उस समय बहुत कम लोगों ने उन्हें नोटिस किया।
फिर आया साल 2011।
और आई एक फिल्म जिसने उनका करियर बदल दिया।
अनुराग कश्यप के बैनर तले बनी Shaitan में गुलशन देवैया ने करण चौधरी का किरदार निभाया।
फिल्म बॉक्स ऑफिस पर भले कोई बड़ी ब्लॉकबस्टर नहीं थी, लेकिन आलोचकों ने गुलशन की एक्टिंग की जमकर तारीफ की।
उन्हें Filmfare Best Male Debut के लिए नामांकन भी मिला।
यहीं से इंडस्ट्री ने पहली बार महसूस किया कि यह अभिनेता कुछ अलग है।
अधिकतर अभिनेता एक सफल किरदार के बाद उसी तरह की भूमिकाओं में फंस जाते हैं।
लेकिन गुलशन देवैया ने हमेशा रिस्क लिया।
उन्होंने Goliyon Ki Raasleela Ram-Leela में निगेटिव रोल किया, Hunterrr में बिल्कुल अलग तरह का किरदार निभाया और बाद में कॉमिक, थ्रिलर, रोमांटिक और डार्क किरदारों के बीच लगातार प्रयोग करते रहे।
यही वजह है कि उन्हें बॉलीवुड के सबसे वर्सेटाइल एक्टर्स में गिना जाता है।
2015 में आई Hunterrr गुलशन देवैया के करियर का अहम मोड़ साबित हुई।
फिल्म का विषय मुख्यधारा बॉलीवुड से अलग था और गुलशन ने इसमें एक ऐसा किरदार निभाया जो उस दौर में काफी चर्चा में रहा।
फिल्म ने उन्हें एक ऐसे अभिनेता के रूप में स्थापित किया जो मुश्किल और असामान्य किरदार निभाने से नहीं डरता।
यह सवाल आज भी सोशल मीडिया पर अक्सर पूछा जाता है।
जब लोग उनकी फिल्मों और वेब सीरीज देखते हैं तो एक ही बात कहते हैं—इतना अच्छा अभिनेता आखिर मेनस्ट्रीम स्टार क्यों नहीं है?
इसका जवाब खुद गुलशन देवैया कई इंटरव्यू में दे चुके हैं।
उन्होंने स्वीकार किया था कि एक समय वह सिर्फ अच्छे काम का इंतजार करते रहते थे। बाद में उन्हें समझ आया कि प्रतिभा के साथ सही अवसर तलाशना भी जरूरी है।
यानी उनका फोकस हमेशा क्राफ्ट पर ज्यादा रहा, स्टारडम पर कम।
2018 में आई Mard Ko Dard Nahi Hota में गुलशन देवैया ने डबल रोल निभाया।
हालांकि फिल्म बड़े पैमाने पर बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली, लेकिन उनकी परफॉर्मेंस को जबरदस्त सराहना मिली।
आज भी कई फिल्म प्रेमी इसे उनके करियर की सबसे बेहतरीन एक्टिंग में गिनते हैं।
जब बॉलीवुड में कंटेंट आधारित फिल्मों का दौर आया और ओटीटी प्लेटफॉर्म मजबूत हुए, तब गुलशन देवैया जैसे कलाकारों को नई पहचान मिली।
Afsos, Duranga, Dahaad, Guns & Gulaabs और Bad Cop जैसी सीरीज ने उन्हें नई पीढ़ी के दर्शकों तक पहुंचाया।
खासकर Guns & Gulaabs में उनका "चार कट आत्माराम" किरदार काफी वायरल हुआ।
सोशल मीडिया पर दर्शकों ने उनकी कॉमिक टाइमिंग और स्क्रीन प्रेजेंस की जमकर तारीफ की।
गुलशन देवैया की शादी ग्रीक अभिनेत्री कलिरोई त्जियाफेटा से हुई थी।
हालांकि बाद में दोनों अलग हो गए।
दिलचस्प बात यह है कि दोनों ने अलग होने के बाद भी एक-दूसरे के प्रति सम्मानजनक रवैया बनाए रखा, जिसकी अक्सर चर्चा होती रही।
गुलशन देवैया उन अभिनेताओं में से हैं जो अपने विचार खुलकर रखते हैं।
कई मुद्दों पर उनके बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने।
हालांकि उन्होंने हमेशा अपने विचारों को व्यक्तिगत राय के तौर पर रखा और किसी विवाद को अपने करियर की पहचान नहीं बनने दिया।
गुलशन देवैया की सबसे बड़ी ताकत उनकी रेंज है।
वह हीरो बन सकते हैं।
विलेन बन सकते हैं।
कॉमेडी कर सकते हैं।
डार्क किरदार निभा सकते हैं।
और सबसे अहम बात—वह हर किरदार में अलग दिखते हैं।
आज जब कई कलाकार एक जैसी भूमिकाओं में सीमित हो जाते हैं, गुलशन देवैया लगातार नए प्रयोग कर रहे हैं।
28 मई 2026 को गुलशन देवैया 48वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं।
करीब डेढ़ दशक से ज्यादा समय से इंडस्ट्री में सक्रिय यह अभिनेता आज भी खुद को दोहराने के बजाय नए किरदार खोज रहा है।
शायद यही वजह है कि उन्हें "एक्टरों का एक्टर" कहा जाता है।
वह स्टारडम के पीछे भागने वाले कलाकार नहीं दिखते।
बल्कि ऐसे कलाकार हैं जो हर प्रोजेक्ट में अपनी छाप छोड़ने की कोशिश करते हैं।
बॉलीवुड में ऐसे कलाकार कम होते हैं जो बिना बड़े फिल्मी बैकग्राउंड, बिना किसी गॉडफादर और बिना लगातार सुर्खियों में रहे भी दर्शकों के दिलों में जगह बना लेते हैं।
गुलशन देवैया उन्हीं कलाकारों में से एक हैं।
उनकी कहानी बताती है कि कभी-कभी सफलता का मतलब सिर्फ सुपरस्टार बनना नहीं होता, बल्कि ऐसा कलाकार बनना भी होता है जिसकी एक्टिंग को लोग सालों तक याद रखें।
आपकी नजर में गुलशन देवैया की सबसे बेहतरीन फिल्म या वेब सीरीज कौन-सी है? क्या आपको भी लगता है कि वह बॉलीवुड के सबसे अंडररेटेड अभिनेताओं में से एक हैं?
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