IIZ: Indian Institute of Zombies Movie Review — कॉलेज कैंपस में ज़ॉम्बी का तड़का, लेकिन क्या फिल्म कर पाई इम्प्रेस?
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| “कॉलेज में फैल गया Zombie Virus!” |
IIZ Indian Institute of Zombies Movie Revie
भारतीय सिनेमा में ज़ॉम्बी फिल्मों की संख्या अभी भी काफी कम है। ऐसे में IIZ: Indian Institute of Zombies ने अपने अलग कॉन्सेप्ट की वजह से रिलीज़ से पहले ही ध्यान खींच लिया था। कॉलेज कैंपस, बैकबेंचर्स, इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स और अचानक फैले ज़ॉम्बी वायरस का मिश्रण सुनने में काफी मजेदार लगता है।
फिल्म को “कैंपस ज़ॉम्बी कॉमेडी” के रूप में प्रमोट किया गया और सोशल मीडिया पर इसके ट्रेलर ने युवाओं के बीच अच्छी उत्सुकता पैदा की। खास बात यह रही कि फिल्म हॉरर और कॉमेडी के साथ एजुकेशन सिस्टम पर व्यंग्य करने की भी कोशिश करती है।
लेकिन बड़ा सवाल यही है — क्या यह फिल्म दर्शकों को हंसा और डरा पाती है, या फिर सिर्फ एक दिलचस्प आइडिया बनकर रह जाती है?
कहानी कैसी है?
फिल्म की कहानी एक प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेज “Indian Institute of Innovation” के इर्द-गिर्द घूमती है। कॉलेज के टॉपर्स एक टेक फेस्ट के दौरान एक रहस्यमयी प्रयोग का हिस्सा बनते हैं, जिसके बाद कैंपस में ज़ॉम्बी आउटब्रेक शुरू हो जाता है।
दिलचस्प बात यह है कि इस संकट से लड़ने की जिम्मेदारी उन बैकबेंचर्स पर आ जाती है जिन्हें हमेशा निकम्मा समझा जाता था। कहानी इसी संघर्ष को हास्य, हॉरर और कॉलेज लाइफ के तानों-बानों के साथ आगे बढ़ाती है।
फिल्म कई जगह एजुकेशन सिस्टम, मार्क्स की रेस और “टॉपर कल्चर” पर व्यंग्य करती है। आइडिया नया और मजेदार है, लेकिन स्क्रीनप्ले हर जगह उस स्तर का असर नहीं छोड़ पाता जिसकी उम्मीद थी। कुछ सीन्स मजेदार हैं, जबकि कुछ हिस्से जरूरत से ज्यादा लंबे महसूस होते हैं।
एक्टिंग और परफॉर्मेंस
Anupriya Goenka फिल्म की सबसे मजबूत परफॉर्मेंस में से एक देती हैं। उनका किरदार प्रोफेसर ब्रेगेंज़ा के रूप में कहानी को संभालता है।
Mohan Kapur ने निगेटिव शेड वाले वैज्ञानिक के रोल में अच्छा प्रभाव छोड़ा है। उनका स्क्रीन प्रेजेंस कई सीन्स में फिल्म को गंभीरता देता है।
युवा कलाकारों में Ranjan Raj, Jesse Lever और सचिन कवेत्थम अपनी भूमिकाओं में फिट बैठते हैं। खासकर Jesse Lever का कॉमिक टाइमिंग कुछ जगहों पर मुस्कान ला देता है।
हालांकि फिल्म में किरदार काफी ज्यादा हैं, जिसकी वजह से कई कैरेक्टर्स पूरी तरह विकसित नहीं हो पाते।
Direction, Music और Technical Side
निर्देशक जोड़ी Gaganjeet Singh और Alok Kumar Dwivedi ने एक अलग तरह की ज़ॉम्बी कॉमेडी बनाने की कोशिश की है। फिल्म का बेसिक कॉन्सेप्ट दिलचस्प है, लेकिन execution कई जगह कमजोर पड़ जाता है।
कॉलेज कैंपस का माहौल अच्छा बनाया गया है और कुछ विजुअल्स सिनेमाई अनुभव देते हैं। हालांकि CGI और ज़ॉम्बी मेकअप कई जगह टीवी शो जैसा महसूस होता है, जिससे हॉरर का असर कम हो जाता है।
बैकग्राउंड स्कोर ठीक-ठाक है, लेकिन कोई ऐसा म्यूजिक ट्रैक नहीं जो लंबे समय तक याद रह जाए।
डायलॉग्स में कॉलेज लाइफ की भाषा डालने की कोशिश हुई है, लेकिन कुछ pop-culture references forced लगते हैं। Editing थोड़ी और crisp होती तो फिल्म ज्यादा engaging बन सकती थी।
Audience Reaction / Social Media Buzz
फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर mixed reaction देखने को मिल रहा है। कुछ दर्शकों को इसका यूनिक “ज़ॉम्बी + कॉलेज” कॉन्सेप्ट पसंद आया, जबकि कई लोगों ने screenplay और visual effects को कमजोर बताया।
Twitter/X और Instagram पर युवाओं के बीच फिल्म की meme-worthy clips शेयर हो रही हैं। खासकर बैकबेंचर्स बनाम टॉपर्स वाला angle audience को relatable लग रहा है।
Initial response देखकर कहा जा सकता है कि फिल्म एक niche audience को पसंद आ सकती है, लेकिन mass level पर इसकी पकड़ थोड़ी कमजोर दिखाई दे रही है।
Box Office Prediction
IIZ: Indian Institute of Zombies का विषय अलग जरूर है, लेकिन यह पूरी तरह word-of-mouth पर निर्भर करती नजर आ रही है।
Multiplex audience और urban youth के बीच फिल्म को शुरुआती curiosity मिल सकती है। कॉलेज-going audience और horror-comedy fans इसे एक बार try कर सकते हैं।
हालांकि mixed reviews और limited buzz के कारण opening बहुत बड़ी होने की संभावना कम दिखती है। अगर weekend पर positive audience response मिलता है, तभी फिल्म टिक सकती है।
क्या फ़िल्म देखने लायक है?
अगर आपको अलग कॉन्सेप्ट वाली हॉरर-कॉमेडी फिल्में पसंद हैं और आप campus satire देखना चाहते हैं, तो यह फिल्म एक बार देखी जा सकती है।
लेकिन अगर आप बहुत डरावनी हॉरर या बेहद दमदार कॉमेडी की उम्मीद लेकर जा रहे हैं, तो फिल्म थोड़ी निराश कर सकती है।
“IIZ” का सबसे मजबूत पक्ष इसका यूनिक आइडिया है, लेकिन कमजोर screenplay और uneven execution इसकी पूरी क्षमता को बाहर नहीं आने देते।
अंतिम निर्णय
IIZ: Indian Institute of Zombies एक अलग सोच वाली फिल्म है जो भारतीय कैंपस लाइफ को ज़ॉम्बी chaos के साथ जोड़ने की कोशिश करती है। कुछ moments entertaining हैं, कुछ satire असर छोड़ता है, लेकिन पूरी फिल्म लगातार engaging नहीं रह पाती।
जो दर्शक experimental horror-comedy देखना पसंद करते हैं, उन्हें इसमें कुछ मजेदार पल मिल सकते हैं।
रेटिंग
⭐ Rating: 2.5/5
