वैभव सूर्यवंशी विंबलडन पहुंचे तो ड्रेस ही नहीं थी! अभिषेक शर्मा ने ऐसे बचाई बात, VIDEO वायरल
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| वैभव सूर्यवंशी विंबलडन पहुंचे |
क्रिकेट के मैदान पर अपने बेखौफ अंदाज से सबका दिल जीतने वाले वैभव सूर्यवंशी इस बार बल्ले की वजह से नहीं, बल्कि एक ऐसे किस्से की वजह से चर्चा में हैं जिसे सुनकर हर कोई मुस्कुरा रहा है। सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने खुलासा किया कि जब वह पहली बार विंबलडन फाइनल देखने पहुंचे, तब उनके पास पहनने के लिए कोई तय ड्रेस ही नहीं थी। सबसे दिलचस्प बात यह रही कि आखिरी वक्त पर अभिषेक शर्मा ने उनकी मदद की और कुछ ही मिनटों में पूरा आउटफिट अरेंज कर दिया। एक साधारण-सी लगने वाली यह घटना अब इंटरनेट पर लोगों का दिल जीत रही है। लेकिन यह सिर्फ कपड़ों की कहानी नहीं है। इसके पीछे छिपी है एक ऐसे युवा खिलाड़ी की सादगी, जिसकी सफलता के बावजूद उसका व्यवहार बिल्कुल नहीं बदला।
पहली बार विंबलडन का अनुभव, लेकिन तैयारी अधूरी
महज 15 साल की उम्र में भारतीय क्रिकेट का बड़ा नाम बन चुके वैभव सूर्यवंशी हाल ही में इंग्लैंड दौरे के दौरान प्रतिष्ठित विंबलडन 2026 पुरुष एकल फाइनल देखने पहुंचे। उनके साथ भारतीय क्रिकेटर अभिषेक शर्मा और पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह भी मौजूद थे। विंबलडन दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित टेनिस टूर्नामेंट्स में गिना जाता है। यहां सेंटर कोर्ट पर मैच देखना किसी भी खिलाड़ी के लिए खास अनुभव माना जाता है। वैभव के लिए भी यह पहला मौका था, लेकिन कम लोग जानते हैं कि इस खास दिन की शुरुआत थोड़ी अलग रही।
"जल्दी-जल्दी में जो मिला..."
स्टार स्पोर्ट्स और जियोस्टार से बातचीत के दौरान वैभव ने बेहद सहज अंदाज में बताया कि उन्होंने इस मौके के लिए कोई खास तैयारी नहीं की थी। उन्होंने कहा कि सब कुछ अचानक हुआ। जो भी जल्दी में मिला, वही पहन लिया और बाकी इंतजाम अभिषेक शर्मा ने करवा दिए। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर उनका यह बयान तेजी से वायरल हो गया। उनकी इस ईमानदारी ने फैंस को काफी प्रभावित किया। आज के दौर में जहां बड़े खिलाड़ी अपने लुक और फैशन को लेकर महीनों तैयारी करते हैं, वहीं वैभव का यह सरल जवाब लोगों को उनके और करीब ले आया।
अभिषेक शर्मा ने निभाई बड़े भाई की भूमिका
इस वायरल वीडियो का सबसे खूबसूरत पहलू अभिषेक शर्मा की भूमिका भी रही। वैभव पहले भी कई बार बता चुके हैं कि वह सीनियर खिलाड़ियों से काफी कुछ सीखते हैं। इस बार मैदान के बाहर भी अभिषेक शर्मा ने बड़े भाई की तरह उनका साथ निभाया। आखिरी समय में ब्लेज़र, शर्ट और बाकी जरूरी चीजों का इंतजाम करके उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि वैभव बिना किसी झिझक के सेंटर कोर्ट पहुंच सकें। यही वजह है कि इंटरनेट पर लोग दोनों खिलाड़ियों की बॉन्डिंग की तारीफ कर रहे हैं।
वायरल VIDEO में दिखी वैभव की सादगी
वैभव सूर्यवंशी को क्रिकेट का अगला बड़ा सितारा माना जा रहा है। आईपीएल से लेकर भारतीय टीम तक उन्होंने बेहद कम उम्र में अपनी पहचान बनाई है। लेकिन इस वायरल वीडियो ने लोगों को उनकी एक अलग तस्वीर दिखाई। न कोई दिखावा। न कोई स्टार वाला अंदाज। बस एक मुस्कुराता हुआ लड़का, जो पहली बार दुनिया के सबसे बड़े टेनिस मंच पर पहुंचा था और पूरे अनुभव का आनंद लेना चाहता था। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर कई यूजर्स लिख रहे हैं कि वैभव की यही सादगी उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है।
सिर्फ मैच नहीं, सीखने भी पहुंचे थे वैभव
वैभव ने बातचीत में कहा कि वह सिर्फ फाइनल देखने नहीं आए थे। वह यह भी समझना चाहते थे कि इतने बड़े मंच पर खिलाड़ी दबाव को कैसे संभालते हैं और फाइनल जैसे मुकाबले में उनका रवैया कैसा होता है। उन्होंने कहा कि लाइव मैच देखकर बहुत कुछ सीखने को मिलता है। यही सोच बताती है कि कम उम्र में भी वैभव अपने खेल को लेकर कितने गंभीर हैं।
जैनिक सिनर को किया सपोर्ट, लेकिन प्रेरणा कौन?
वायरल वीडियो में वैभव सूर्यवंशी ने एक और दिलचस्प बात बताई। उन्होंने कहा कि टेनिस में उनके पसंदीदा खिलाड़ियों में राफेल नडाल और नोवाक जोकोविच शामिल हैं। हालांकि, विंबलडन 2026 के फाइनल में वह जैनिक सिनर का समर्थन कर रहे थे। यह जवाब इसलिए भी खास था क्योंकि एक युवा क्रिकेटर ने अपने पसंदीदा दिग्गजों का सम्मान करते हुए मौजूदा दौर के स्टार खिलाड़ी का समर्थन किया। फैंस को उनका यह संतुलित नजरिया काफी पसंद आया।
सेंटर कोर्ट पर सिर्फ मैच नहीं, इतिहास भी बन रहा था
जिस मुकाबले को देखने वैभव पहुंचे थे, वह साधारण फाइनल नहीं था। जैनिक सिनर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अलेक्जेंडर ज़्वेरेव को हराकर लगातार दूसरा विंबलडन खिताब अपने नाम किया। ऐसे ऐतिहासिक मुकाबले का गवाह बनना किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए यादगार अनुभव होता है। शायद यही वजह है कि वैभव ने कहा कि वह सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि बड़े खिलाड़ियों के दबाव, मानसिकता और मैच को संभालने के तरीके को करीब से देखने आए थे।
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युवराज सिंह की मौजूदगी ने बना दिया खास पल
इस पूरे अनुभव को और भी यादगार बनाने वाली बात यह रही कि वैभव के साथ भारतीय क्रिकेट के दिग्गज युवराज सिंह भी मौजूद थे। वैभव पहले भी स्वीकार कर चुके हैं कि युवराज सिंह से मिलना और उनसे बातें करना उनके लिए किसी सपने से कम नहीं था। उन्होंने कहा कि जब पहली बार युवराज से मुलाकात हुई थी, तब उन्हें काफी प्रेरणा मिली थी। यानी विंबलडन का यह दौरा सिर्फ टेनिस देखने का नहीं, बल्कि सीखने, प्रेरणा लेने और यादें बनाने का भी मौका बन गया।
वायरल VIDEO ने क्यों जीता लोगों का दिल?
सोशल मीडिया पर हर दिन सैकड़ों वीडियो वायरल होते हैं।
लेकिन वैभव सूर्यवंशी का यह वीडियो इसलिए अलग दिखा क्योंकि इसमें कोई विवाद नहीं था, कोई दिखावा नहीं था और न ही किसी तरह की सनसनी। एक युवा खिलाड़ी ने बेहद सामान्य अंदाज में स्वीकार किया कि उसके पास ड्रेस नहीं थी और उसके साथी खिलाड़ी ने मदद कर दी। यही सादगी लोगों को पसंद आई। कई यूजर्स ने लिखा कि यही वजह है कि वैभव इतनी कम उम्र में भी करोड़ों लोगों के पसंदीदा बनते जा रहे हैं।
ये वीडियो देखें:
The young Indian cricket sensation, Vaibhav Sooryavanshi steps into the iconic world of Wimbledon! 🎾🏏
— Star Sports (@StarSportsIndia) July 12, 2026
From soaking in the electric atmosphere of the Championships to sharing his thoughts on tennis, Vaibhav opens up in this exclusive interview.#Wimbledon 2026 | LIVE NOW on… pic.twitter.com/LssvFh6eWI
क्या है वैभव सूर्यवंशी की सबसे बड़ी ताकत?
वैभव सूर्यवंशी की सबसे बड़ी ताकत सिर्फ उनकी बल्लेबाजी नहीं, बल्कि उनका स्वभाव भी माना जाता है। बिहार के समस्तीपुर से निकलकर भारतीय क्रिकेट तक पहुंचने वाले इस युवा खिलाड़ी ने बेहद कम समय में कई रिकॉर्ड बनाए हैं। लेकिन हर इंटरव्यू में उनकी सहजता और विनम्रता साफ दिखाई देती है। विंबलडन वाला यह किस्सा भी उसी व्यक्तित्व की झलक देता है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्ट क्या दिखा रहे हैं?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कई पोस्ट यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि वैभव बिना ड्रेस के विंबलडन पहुंच गए थे।
वैभव के अनुसार कि उन्होंने मजाकिया अंदाज में बताया था कि उनके पास पहले से तैयार आउटफिट नहीं था। आखिरी समय में अभिषेक भईया से बोलकर उनके लिए कपड़ों का इंतजाम कराया, जिसके बाद वह सेंटर कोर्ट पहुंचे। हमें लगता है कि इसे किसी विवाद या बड़ी घटना के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
क्रिकेट से बाहर भी सीखने की कोशिश
आज के दौर में कई खिलाड़ी अपने खेल तक ही सीमित रहते हैं। लेकिन वैभव सूर्यवंशी ने यह दिखाया कि दूसरे खेलों के बड़े मंच से भी बहुत कुछ सीखा जा सकता है। चाहे वह खिलाड़ियों का अनुशासन हो, दबाव में प्रदर्शन करने की कला हो या फिर विश्व स्तरीय खेल संस्कृति—इन सबका अनुभव किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए अमूल्य होता है।
क्या यही है एक बड़े खिलाड़ी की पहचान?
कम उम्र में सफलता मिलने के बाद अक्सर खिलाड़ी लाइमलाइट में खो जाते हैं। लेकिन वैभव सूर्यवंशी की यह छोटी-सी कहानी बताती है कि जमीन से जुड़े रहना भी उतना ही जरूरी है। एक तरफ करोड़ों दर्शकों के बीच विंबलडन फाइनल देखने का मौका और दूसरी तरफ बिना झिझक यह स्वीकार करना कि "ड्रेस तो अभिषेक शर्मा ने अरेंज करवाई थी"—यही सादगी उन्हें खास बनाती है। यही कारण है कि यह वीडियो केवल वायरल नहीं हुआ, बल्कि लोगों के दिलों तक भी पहुंच गया।
आपका क्या कहना है?
अगर आपको भी वैभव सूर्यवंशी की यह सादगी पसंद आई, तो बताइए—क्या ऐसे विनम्र और जमीन से जुड़े खिलाड़ी ही भारतीय क्रिकेट का भविष्य हैं? अपनी राय हमें कमेंट करके जरूर बताएं।
