‘कर्तव्य’ मूवी रिव्यू: सैफ अली खान की दमदार एक्टिंग भी नहीं बचा पाई कमजोर स्क्रीनप्ले वाली यह क्राइम थ्रिलर
‘कर्तव्य’ एक ऐसी क्राइम थ्रिलर है जो सिर्फ रहस्य नहीं दिखाती, बल्कि समाज के कड़वे सच को भी सामने लाने की कोशिश करती है। दमदार एक्टिंग और गंभीर माहौल के बावजूद फिल्म पूरी तरह असर छोड़ने में थोड़ी पीछे रह जाती है।
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| “सैफ की एक्टिंग दमदार… कहानी कमजोर!” |
‘कर्तव्य’ Movie Review: मुद्दा बड़ा है, लेकिन कहानी में नहीं दिखती उतनी धार
Kartavya इस समय सोशल मीडिया और OTT दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। Saif Ali Khan की वापसी को लेकर पहले से ही उत्साह था, और जब फिल्म का ट्रेलर सामने आया तो लोगों को लगा कि यह एक गंभीर, grounded और emotionally intense crime thriller होने वाली है।
फिल्म की सबसे खास बात यह है कि यह सिर्फ अपराध की कहानी नहीं सुनाती, बल्कि casteism, honour killing, child exploitation और सिस्टम के अंदर छिपे भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को भी सामने लाने की कोशिश करती है। लेकिन जहां इसका विषय मजबूत है, वहीं screenplay कई जगह कमजोर पड़ जाता है। यही वजह है कि फिल्म असर छोड़ते-छोड़ते रुक जाती है।
कहानी कैसी है? (Spoiler-Free)
कहानी छोटे शहर के पुलिस अधिकारी पवन मलिक के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे एक 16 साल के लड़के के गायब होने और एक पत्रकार की हत्या की जांच सौंपी जाती है। जांच आगे बढ़ती है तो मामला सिर्फ अपराध तक सीमित नहीं रहता, बल्कि सत्ता, धर्म और सामाजिक भेदभाव की खतरनाक परतें सामने आने लगती हैं।
फिल्म की शुरुआत काफी gripping है। शुरुआती 30-40 मिनट दर्शकों को बांधे रखते हैं और ऐसा लगता है कि कहानी किसी बड़े खुलासे की तरफ जा रही है। लेकिन दूसरे हाफ में narrative predictable हो जाता है। कई twists पहले से समझ आने लगते हैं और climax उतना impact नहीं छोड़ पाता जितनी उम्मीद बनती है।
एक्टिंग और परफॉर्मेंस
फिल्म का सबसे मजबूत पक्ष इसकी परफार्मेंस हैं। Saif Ali Khan ने पवन मलिक के किरदार में restrained और realistic अभिनय किया है। उनका किरदार loud नहीं है, लेकिन अंदरूनी संघर्ष साफ दिखाई देता है। कई scenes में सिर्फ उनकी आंखें ही emotion convey कर देती हैं।
Rasika Dugal हमेशा की तरह natural लगती हैं, लेकिन फिल्म उन्हें ज्यादा space नहीं देती। Sanjay Mishra अपनी मौजूदगी से scenes को वजन देते हैं। वहीं पत्रकार से अभिनेता बने Saurabh Dwivedi को लेकर सोशल मीडिया पर mixed reactions देखने को मिले। कुछ लोगों को उनका villainous अंदाज पसंद आया, जबकि कई viewers को उनकी performance कमजोर लगी।
Zakir Hussain और Manish Chaudhari भी अपने छोटे लेकिन अहम किरदारों में प्रभाव छोड़ते हैं।
Direction, Music और Technical Side
फिल्म का निर्देशन Pulkit ने किया है, जिन्होंने इससे पहले भी dark और socially driven कहानियों पर काम किया है। उनका इरादा साफ नजर आता है कि वह crime thriller के जरिए समाज का uncomfortable सच दिखाना चाहते हैं।
सिनेमैटोग्राफी Anil Mehta ने संभाली है और यही फिल्म की visual strength बनकर उभरती है। छोटे शहर की धूलभरी गलियां, अंधेरे interiors और तनावपूर्ण माहौल को कैमरा शानदार तरीके से capture करता है।
म्यूजिक और background score Anurag Saikia ने दिया है। फिल्म में songs कम हैं, लेकिन background score कई scenes में tension build करने में मदद करता है। हालांकि कुछ जगह music जरूरत से ज्यादा heavy महसूस होता है।
Editing का काम Zubin Sheikh ने किया है, लेकिन दूसरा हाफ थोड़ा और crisp हो सकता था। कई scenes unnecessarily लंबे लगते हैं।
Audience Reaction / Social Media Buzz
सोशल मीडिया पर फिल्म को mixed response मिला है। X (Twitter) पर कई users ने Saif Ali Khan की performance की जमकर तारीफ की और इसे उनकी recent best performances में से एक बताया।
वहीं Reddit पर कई viewers ने screenplay और climax को weak बताया। कुछ comments में फिल्म को “strong concept but weak execution” कहा गया।
कुल मिलाकर, audience इस बात पर सहमत दिख रही है कि फिल्म का intention अच्छा है, लेकिन execution उतना sharp नहीं बन पाया।
Box Office Prediction
क्योंकि Netflix पर रिलीज हुई यह फिल्म theatrical release नहीं है, इसलिए इसकी सफलता streaming numbers और word of mouth से तय होगी।
Serious crime dramas और realistic storytelling पसंद करने वाले viewers के बीच फिल्म अच्छा प्रदर्शन कर सकती है। Mass audience की बजाय multiplex और OTT crowd इसे ज्यादा appreciate कर सकता है।
क्या फिल्म देखने लायक है?
अगर आपको slow-burn crime thrillers, social commentary और realistic police dramas पसंद हैं, तो ‘कर्तव्य’ आपको जरूर engage करेगी।
लेकिन अगर आप तेज रफ्तार suspense thriller या shocking twists की उम्मीद कर रहे हैं, तो यह फिल्म थोड़ी underwhelming लग सकती है।
अंतिम निर्णय
Kartavya एक ईमानदार और socially relevant crime thriller है। फिल्म के पास मजबूत कलाकार, अच्छा निर्देशन और जरूरी मुद्दे हैं, लेकिन predictable screenplay इसकी सबसे बड़ी कमजोरी बन जाती है।
इसके बावजूद, grounded और serious dramas पसंद करने वाले दर्शकों के लिए यह एक decent one-time watch है।

Nice 👍
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