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| जैकी श्रॉफ का सुपरहीरो अवतार! |
जब बॉलीवुड में ज्यादातर फिल्में एक्शन, क्राइम और बड़े बजट के स्पेक्टेकल पर फोकस कर रही हैं, तब 'द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो' एक अलग रास्ता चुनती है। यह फिल्म सुपरहीरो, एलियन और बचपन की कल्पनाओं को जोड़ते हुए एक पारिवारिक मनोरंजन पेश करने की कोशिश करती है।
फिल्म का सबसे बड़ा आकर्षण हैं जैकी श्रॉफ, जो इस बार किसी गैंगस्टर या पिता के रोल में नहीं बल्कि एक "सुपरहीरो दादा" के अवतार में नजर आते हैं। ट्रेलर आने के बाद से ही बच्चों और फैमिली ऑडियंस के बीच इस फिल्म को लेकर उत्सुकता बनी हुई थी।
तो क्या यह फिल्म उम्मीदों पर खरी उतरती है? आइए जानते हैं।
फिल्म की कहानी दीपु नाम के एक 11 वर्षीय लड़के के इर्द-गिर्द घूमती है, जो नए स्कूल में अपने दोस्तों को प्रभावित करने के लिए दावा करता है कि उसके दादा एक असली सुपरहीरो हैं और जल्द ही एलियन हमले को रोकने वाले हैं।
शुरुआत में यह सब बच्चों की कल्पना और मजाक जैसा लगता है, लेकिन हालात ऐसे बनते हैं कि दीपु की बनाई हुई कहानी और वास्तविकता के बीच की दूरी कम होने लगती है।
फिल्म का सबसे मजबूत पक्ष इसका दादा-पोते का भावनात्मक रिश्ता है। कहानी में हास्य, रोमांच और भावनाएं साथ-साथ चलती हैं। हालांकि दूसरे हिस्से में फिल्म कुछ जगहों पर अपनी पकड़ खोती हुई भी महसूस होती है।
जैकी श्रॉफ इस फिल्म की जान हैं। उनका सहज अभिनय और स्क्रीन प्रेजेंस फिल्म को लगातार संभाले रखता है। वह सुपरहीरो कम और एक प्यारे, भरोसेमंद दादा ज्यादा लगते हैं, जो फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बन जाता है।
बाल कलाकार मिहिर गोडबोले ने शानदार काम किया है। उनका आत्मविश्वास और नैचुरल अभिनय कई दृश्यों को यादगार बना देता है। कई समीक्षकों ने भी उनके प्रदर्शन की खास तारीफ की है।
प्रतीक बब्बर, भाग्यश्री, शरद सक्सेना और अन्य कलाकार अपनी भूमिकाओं में ठीक काम करते हैं। हालांकि फिल्म का पूरा फोकस जैकी श्रॉफ और बच्चों पर ही रहता है।
राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक मनीष सैनी ने एक ऐसी दुनिया बनाने की कोशिश की है जो बच्चों की कल्पना से संचालित होती है। फिल्म का पहला हिस्सा काफी मनोरंजक और रचनात्मक लगता है।
बैकग्राउंड स्कोर फिल्म के हल्के-फुल्के और भावनात्मक मूड को सपोर्ट करता है।
छोटे शहर का माहौल और बच्चों की दुनिया को कैमरे ने खूबसूरती से कैद किया है।
फिल्म की गति पहले हाफ में बेहतर है, लेकिन दूसरे हाफ में कुछ हिस्से थोड़े खिंचे हुए लग सकते हैं।
संवाद सरल हैं और बच्चों को ध्यान में रखकर लिखे गए हैं। कई जगहों पर वे मुस्कान भी छोड़ जाते हैं।
सोशल मीडिया पर शुरुआती प्रतिक्रियाएं सकारात्मक दिखाई दे रही हैं। दर्शकों को खासतौर पर जैकी श्रॉफ और बच्चों की केमिस्ट्री पसंद आ रही है।
कुछ दर्शकों ने फिल्म को "पुराने दौर की फैमिली एंटरटेनर" बताया है, जबकि कुछ का मानना है कि अंतिम हिस्से के वीएफएक्स और टोन बेहतर हो सकते थे। कुल मिलाकर शुरुआती प्रतिक्रिया मिश्रित लेकिन सकारात्मक कही जा सकती है।
यह फिल्म बड़े पैमाने की मास एंटरटेनर नहीं है, इसलिए इसका भविष्य काफी हद तक वर्ड-ऑफ-माउथ पर निर्भर करेगा।
अगर आप लॉजिक से ज्यादा दिल से फिल्में देखते हैं, बच्चों की कल्पनाओं वाली कहानियां पसंद करते हैं और दादा-पोते के रिश्ते पर आधारित भावनात्मक फिल्म देखना चाहते हैं, तो The Great Grand Superhero आपको निराश नहीं करेगी।
हालांकि जो दर्शक बड़े पैमाने के वीएफएक्स, हाई-ऑक्टेन एक्शन या मार्वल-स्टाइल सुपरहीरो अनुभव की उम्मीद लेकर जाएंगे, उन्हें फिल्म साधारण लग सकती है।
'द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो' एक ईमानदार कोशिश है, जो बच्चों की दुनिया और उनकी कल्पनाओं को बड़े पर्दे पर उतारती है। फिल्म परफेक्ट नहीं है, लेकिन इसकी सादगी, भावनाएं और जैकी श्रॉफ का अभिनय इसे खास बना देते हैं।
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