भारत में ब्लॉकबस्टर, लेकिन Japan में क्यों पिछड़ी 'धुरंधर'? रणवीर सिंह की फिल्म को लेकर सामने आई चौंकाने वाली वजहें

 भारत में ब्लॉकबस्टर, लेकिन Japan में क्यों पिछड़ी 'धुरंधर'? रणवीर सिंह की फिल्म को लेकर सामने आई चौंकाने वाली वजहें

Japan रिलीज के दौरान रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर का पोस्टर
भारत में ब्लॉकबस्टर, लेकिन Japan में क्यों पिछड़ी 'धुरंधर'?


अगर किसी ने कुछ महीने पहले कहा होता कि रणवीर सिंह की 'धुरंधर' भारत में बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई करेगी, लेकिन जापान में उम्मीद के मुताबिक शुरुआत नहीं कर पाएगी, तो शायद बहुत कम लोग इस पर यकीन करते। आखिर जिस फिल्म ने भारतीय दर्शकों के बीच जबरदस्त चर्चा बटोरी, वही फिल्म जापानी बॉक्स ऑफिस पर शुरुआती दिनों में संघर्ष करती क्यों दिखाई दी?

यही सवाल इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर फिल्म ट्रेड सर्किट तक हर जगह पूछा जा रहा है।

दिलचस्प बात यह है कि जापान में रिलीज़ से पहले मेकर्स ने पूरी तैयारी की थी। रणवीर सिंह ने जापानी दर्शकों के लिए खास वीडियो संदेश जारी किया, फिल्म का स्पेशल जापानी पोस्टर रिलीज़ हुआ और इसे बड़े स्तर पर प्रमोट भी किया गया। इसके बावजूद शुरुआती रिपोर्ट्स ने कई लोगों को हैरान कर दिया।

तो आखिर ऐसा क्या हुआ कि भारत में सुपरहिट रही फिल्म जापान में वैसा जादू नहीं दिखा सकी? आइए जानते हैं वे बड़ी वजहें जिनकी चर्चा फिल्म इंडस्ट्री में हो रही है।


Japan में बॉलीवुड फिल्मों का इतिहास हमेशा आसान नहीं रहा

जापान दुनिया के सबसे बड़े फिल्म बाजारों में से एक है, लेकिन यहां दर्शकों की पसंद भारत से काफी अलग है।

भारतीय फिल्मों को वहां सफलता तभी मिलती है, जब उनमें ऐसी भावनात्मक या दृश्यात्मक अपील हो जो जापानी दर्शकों से सीधे जुड़ सके। यही कारण है कि कुछ भारतीय फिल्मों ने वहां शानदार प्रदर्शन किया, जबकि कई बड़ी स्टारकास्ट वाली फिल्में उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकीं।

यानी सिर्फ भारत में सुपरहिट होना, जापान में सफलता की गारंटी नहीं है।


रणवीर सिंह की लोकप्रियता भारत जितनी, जापान में नहीं

रणवीर सिंह भारत के सबसे चर्चित सितारों में शामिल हैं। उनकी ऊर्जा, अभिनय और अलग अंदाज के करोड़ों प्रशंसक हैं।

लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिति अलग होती है।

जापान में भारतीय सिनेमा के जिन चेहरों को सबसे ज्यादा पहचान मिली है, उनमें लंबे समय तक आमिर खान, रजनीकांत, एस.एस. राजामौली की फिल्में और कुछ चुनिंदा पैन-इंडिया प्रोजेक्ट्स शामिल रहे हैं।

रणवीर सिंह का वहां समर्पित फैनबेस अभी उतना बड़ा नहीं माना जाता। ऐसे में केवल स्टार पावर शुरुआती भीड़ खींचने के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुई।


क्या फिल्म का विषय जापानी दर्शकों के लिए कठिन था?

फिल्म की कहानी और उसका सांस्कृतिक संदर्भ भी किसी विदेशी बाजार में सफलता तय करने में अहम भूमिका निभाता है।

अगर किसी फिल्म की कहानी स्थानीय इतिहास, राजनीति या सांस्कृतिक संदर्भों से गहराई से जुड़ी हो, तो विदेशी दर्शकों के लिए उससे भावनात्मक जुड़ाव बनाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। यही कारण है कि कई ट्रेड एक्सपर्ट मानते हैं कि आदित्य धर निर्देशित 'धुरंधर' का विषय भारतीय दर्शकों के लिए बेहद प्रभावशाली था, लेकिन जापानी दर्शकों तक उसी तीव्रता से नहीं पहुंच पाया।


रिलीज़ टाइमिंग भी बनी बड़ी चुनौती?

किसी भी फिल्म की सफलता सिर्फ उसकी कहानी पर निर्भर नहीं करती।

रिलीज़ की तारीख, उसी समय सिनेमाघरों में चल रही स्थानीय और हॉलीवुड फिल्मों का दबाव, स्क्रीन की उपलब्धता और मार्केटिंग—ये सभी बातें मिलकर बॉक्स ऑफिस का भविष्य तय करती हैं।

अगर किसी विदेशी फिल्म को सीमित स्क्रीन मिलती हैं या उसी सप्ताह स्थानीय ब्लॉकबस्टर रिलीज़ हो जाए, तो दर्शकों का ध्यान बंट जाता है।

फिल्म ट्रेड विश्लेषकों का मानना है कि जापान में 'धुरंधर' को भी ऐसे प्रतिस्पर्धी माहौल का सामना करना पड़ा।


जापानी पोस्टर और वीडियो मैसेज ने जरूर बटोरी थी सुर्खियां

रिलीज़ से पहले मेकर्स ने जापानी दर्शकों को आकर्षित करने की पूरी कोशिश की।

रणवीर सिंह ने जापानी भाषा में प्रशंसकों का अभिवादन करते हुए एक विशेष वीडियो संदेश जारी किया। इसके अलावा फिल्म का जापानी पोस्टर भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।

भारत में इस पहल की खूब तारीफ हुई। कई लोगों ने इसे भारतीय फिल्मों के वैश्विक विस्तार की दिशा में अच्छा कदम बताया।

हालांकि केवल प्रमोशन से बॉक्स ऑफिस की सफलता तय नहीं होती। अंतिम फैसला हमेशा दर्शकों की टिकट खरीदने की इच्छा ही करती है।


क्या वर्ड ऑफ माउथ की कमी महसूस हुई?

किसी भी विदेशी बाजार में पहले सप्ताह के बाद फिल्म की असली परीक्षा शुरू होती है।

अगर शुरुआती दर्शक फिल्म की तारीफ करते हैं, तो धीरे-धीरे नए दर्शक भी सिनेमाघरों तक पहुंचते हैं।

लेकिन यदि चर्चा अपेक्षित स्तर तक नहीं बनती, तो कमाई की रफ्तार धीमी पड़ सकती है।

फिल्म विशेषज्ञों का मानना है कि जापान में 'धुरंधर' को उसी तरह का मजबूत वर्ड ऑफ माउथ नहीं मिल पाया, जैसा भारत में देखने को मिला था।


क्या इससे फिल्म की अंतरराष्ट्रीय सफलता पर असर पड़ेगा?

यह सवाल भी लगातार पूछा जा रहा है। असल में किसी एक देश में कमजोर शुरुआत का मतलब यह नहीं होता कि पूरी अंतरराष्ट्रीय यात्रा असफल रही।

आज भारतीय फिल्में अलग-अलग देशों में अलग-अलग प्रदर्शन करती हैं। कई बार किसी देश में धीमी शुरुआत के बाद फिल्म लंबी रेस का घोड़ा साबित होती है।

इसलिए जापान की शुरुआती कमाई को अंतिम नतीजा मानना जल्दबाजी होगी।

जापान में इन भारतीय फिल्मों ने बनाई थी अलग पहचान

जापान का फिल्म बाजार हमेशा से अलग पसंद रखने वाला माना जाता है। यहां केवल बड़े स्टार या भारी बजट वाली फिल्में ही नहीं चलतीं, बल्कि ऐसी कहानियां ज्यादा पसंद की जाती हैं जो भावनात्मक रूप से दर्शकों को जोड़ सकें।

पिछले कुछ वर्षों में कई भारतीय फिल्मों ने जापान में शानदार प्रदर्शन किया। खासकर एस.एस. राजामौली की फिल्मों ने वहां जबरदस्त पहचान बनाई। RRR को जापान में लंबे समय तक सिनेमाघरों में चलने का फायदा मिला और फिल्म ने एक मजबूत फैनबेस तैयार किया।

इसी तरह बाहुबली सीरीज ने भी जापानी दर्शकों के बीच भारतीय सिनेमा की भव्यता का परिचय कराया।

यही वजह है कि जब 'धुरंधर' की जापान रिलीज़ का ऐलान हुआ, तब उम्मीदें काफी ऊंची थीं।


भारत और जापान का बॉक्स ऑफिस अलग क्यों है?

भारत में किसी फिल्म की सफलता कई बार स्टारडम, संगीत, सोशल मीडिया चर्चा और पहले दिन की ओपनिंग पर निर्भर करती है।

लेकिन जापान में स्थिति थोड़ी अलग होती है।

वहां दर्शक अक्सर फिल्मों को धीरे-धीरे अपनाते हैं। अगर कंटेंट पसंद आता है तो फिल्म कई हफ्तों तक अच्छी कमाई करती रहती है। इसलिए किसी विदेशी फिल्म की असली परीक्षा पहले वीकेंड के बाद शुरू होती है।

यही कारण है कि ट्रेड एक्सपर्ट्स अभी भी मान रहे हैं कि 'धुरंधर' के लिए तस्वीर पूरी तरह साफ होने में थोड़ा समय लगेगा।


क्या भाषा भी बनी बाधा?

विदेशी बाजार में भाषा हमेशा एक अहम भूमिका निभाती है।

हालांकि जापान में रिलीज़ होने वाली भारतीय फिल्मों को स्थानीय भाषा में सबटाइटल या डबिंग के साथ रिलीज़ किया जाता है, लेकिन हर कहानी का भाव अनुवाद में उसी तरह नहीं पहुंच पाता।

'धुरंधर' की कहानी भारतीय परिवेश और भावनाओं से जुड़ी हुई है। ऐसे में कुछ सांस्कृतिक संदर्भ जापानी दर्शकों के लिए उतने प्रभावी नहीं रहे होंगे, जितने भारतीय दर्शकों के लिए थे।


सोशल मीडिया पर क्या कह रहे हैं फैंस?

फिल्म की जापान रिलीज़ के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।

भारतीय फैंस ने रणवीर सिंह के जापानी प्रमोशनल वीडियो की खूब तारीफ की और उम्मीद जताई कि फिल्म आने वाले दिनों में बेहतर प्रदर्शन करेगी।

दूसरी ओर कुछ यूज़र्स का मानना था कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सिर्फ स्टार पावर नहीं, बल्कि स्थानीय दर्शकों की पसंद को समझना भी उतना ही जरूरी है।

हालांकि सोशल मीडिया पर आने वाली हर प्रतिक्रिया को अंतिम सच नहीं माना जा सकता, लेकिन इससे दर्शकों का शुरुआती मूड जरूर समझा जा सकता है।


क्या 'धुरंधर' वापसी कर सकती है?

फिल्म ट्रेड में एक पुरानी कहावत है—"पहला दिन खबर बनाता है, लेकिन लंबी दौड़ इतिहास लिखती है।"

अगर किसी फिल्म को सकारात्मक रिव्यू, अच्छी वर्ड ऑफ माउथ और लगातार स्क्रीन मिलती रहें, तो शुरुआती धीमी शुरुआत के बाद भी वह अच्छा प्रदर्शन कर सकती है।

जापान में पहले भी कई ऐसी विदेशी फिल्में रही हैं, जिन्होंने धीरे-धीरे दर्शकों का भरोसा जीता और बाद में शानदार कमाई की।

इसलिए 'धुरंधर' के लिए भी अभी संभावनाओं के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं।


रणवीर सिंह के लिए यह अनुभव क्यों अहम है?

हर बड़ा अभिनेता चाहता है कि उसकी फिल्में सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में देखी जाएं।

रणवीर सिंह भी उन सितारों में शामिल हैं जो लगातार ग्लोबल ऑडियंस तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

जापान में 'धुरंधर' की रिलीज़ इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भले ही शुरुआती आंकड़े उम्मीद के मुताबिक न रहे हों, लेकिन इससे रणवीर की अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी जरूर मजबूत होगी।


क्या भारतीय सिनेमा के लिए यह एक सीख है?

बिल्कुल।

आज भारतीय फिल्में दुनिया के कई देशों में रिलीज़ हो रही हैं। लेकिन हर बाजार की अपनी पसंद, संस्कृति और देखने का नजरिया होता है।

ऐसे में सिर्फ बड़े बजट या स्टारकास्ट के भरोसे विदेशी बाजार में सफलता हासिल करना आसान नहीं है।

फिल्म के कंटेंट, स्थानीय मार्केटिंग, सही रिलीज़ डेट और दर्शकों की पसंद—इन सभी बातों पर बराबर ध्यान देना पड़ता है।


निष्कर्ष

'धुरंधर' ने भारत में अपनी मजबूत पहचान बनाई है और रणवीर सिंह के करियर की चर्चित फिल्मों में शामिल हो चुकी है। हालांकि जापान में इसकी शुरुआती शुरुआत उम्मीद से धीमी बताई जा रही है, लेकिन किसी भी फिल्म का अंतिम फैसला उसके पूरे थिएट्रिकल रन के बाद ही किया जा सकता है।

यह भी सच है कि जापान जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय बाजार में रिलीज़ होना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। आने वाले दिनों में यदि फिल्म को सकारात्मक प्रतिक्रिया और बेहतर वर्ड ऑफ माउथ मिलता है, तो इसकी कमाई में सुधार देखने को मिल सकता है।

फिलहाल इतना जरूर कहा जा सकता है कि 'धुरंधर' ने जापान में एक नई चर्चा छेड़ दी है—क्या भारतीय ब्लॉकबस्टर हर विदेशी बाजार में वही जादू दोहरा सकती है, या हर देश के दर्शकों की पसंद अलग कहानी लिखती है?

आने वाले दिनों के बॉक्स ऑफिस आंकड़े इस सवाल का सबसे सटीक जवाब देंगे।


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Saurabh Suman

सौरभ सुमन अभिनेता • वर्ष 2006 से मुंबई फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े • बॉलीवुड रिसर्चर एवं एंटरटेनमेंट कंटेंट क्रिएटर हैं। FilmyRaaz पर वे बॉलीवुड समाचार, अभिनेता जीवनियाँ, बॉक्स ऑफिस, फिल्म इतिहास, विवाद और भारतीय सिनेमा से जुड़ी शोध-आधारित एवं तथ्यात्मक सामग्री प्रकाशित करते हैं।

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