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नाना पाटेकर की पूरी कहानी: ₹35 से शुरू हुआ सफर, National Award से Padma Shri तक

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 नाना पाटेकर: भूख से निकली वह आवाज, जिसने भारतीय सिनेमा को हमेशा के लिए बदल दिया “₹35 से स्टार बनने तक…” कुछ कलाकार पर्दे पर किरदार निभाते हैं, कुछ कलाकार किरदार में इस तरह उतर जाते हैं कि दर्शक उन्हें भूल ही नहीं पाता। नाना पाटेकर दूसरी श्रेणी के कलाकार थे। उनकी आंखों में गुस्सा दिखाई देता था, आवाज में एक अलग तरह की खुरदुराहट थी और संवाद बोलने का अंदाज ऐसा कि साधारण-सा वाक्य भी दिल के भीतर उतर जाता था। उन्होंने जब पुलिसवाले का किरदार निभाया तो वह पुलिसवाला सिर्फ पर्दे पर नहीं रहा, जब उन्होंने खलनायक का किरदार निभाया तो वह सिर्फ विलेन नहीं लगे और जब उन्होंने टूटे हुए इंसान की भूमिका की तो दर्शकों को उसमें अपना दर्द दिखाई दिया। लेकिन नाना पाटेकर की असली कहानी कैमरे के सामने शुरू नहीं हुई थी। वह कहानी बहुत पहले शुरू हो चुकी थी—उस समय, जब एक बच्चे को अपने परिवार की मदद करने के लिए स्कूल के बाद मुंबई की सड़कों पर फिल्म पोस्टर पेंट करने पड़ते थे। नाना ने खुद बताया था कि 13 साल की उम्र में वह पोस्टर पेंट करते थे, करीब आठ किलोमीटर पैदल जाते थे और बदले में उन्हें एक वक्त का खाना तथा महीन...

जगदीप पुण्यतिथि: एक ऐसा कलाकार, जिसकी मुस्कान आज भी लोगों के चेहरों पर मुस्कान ले आती है

जगदीप पुण्यतिथि: एक ऐसा कलाकार, जिसकी मुस्कान आज भी लोगों के चेहरों पर मुस्कान ले आती है

जगदीप पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि, सूरमा भोपाली अभिनेता जगदीप की दुर्लभ तस्वीर
जगदीप पुण्यतिथि: सूरमा भोपाली की यादें आज भी हैं अमर


8 जुलाई हिंदी सिनेमा के उन कलाकारों की याद दिलाता है, जिन्होंने अपनी अदाकारी से पीढ़ियों का मनोरंजन किया। आज महान कॉमेडियन और अभिनेता जगदीप की पुण्यतिथि है। उन्हें याद करते ही सबसे पहले फिल्म 'शोले' का अमर किरदार 'सूरमा भोपाली' याद आता है।

लेकिन जगदीप सिर्फ एक कॉमेडियन नहीं थे। वे ऐसे कलाकार थे जिन्होंने बचपन से लेकर बुढ़ापे तक सैकड़ों फिल्मों में काम किया और हर दौर के दर्शकों का दिल जीता।


गरीबी से शुरू हुआ सफर, मेहनत से बने सुपरस्टार

29 मार्च 1939 को मध्य प्रदेश के दतिया में जन्मे जगदीप का असली नाम सैयद इश्तियाक अहमद जाफरी था।

कम उम्र में पिता का साया उठ जाने के बाद परिवार आर्थिक संकट से गुजरने लगा। बेहतर जीवन की तलाश में परिवार मुंबई आ गया। यहां उन्होंने छोटे-मोटे काम किए और धीरे-धीरे फिल्मों में बाल कलाकार के रूप में कदम रखा।

यहीं से शुरू हुआ वह सफर, जिसने उन्हें भारतीय सिनेमा का सबसे लोकप्रिय कॉमेडियन बना दिया।


'सूरमा भोपाली' ने बना दिया अमर

1975 में रिलीज़ हुई शोले भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में गिनी जाती है।

इस फिल्म में जगदीप ने 'सूरमा भोपाली' का छोटा लेकिन बेहद प्रभावशाली किरदार निभाया। उनकी भोपाली शैली, बोलने का अंदाज़ और शानदार कॉमिक टाइमिंग आज भी दर्शकों के बीच उतनी ही लोकप्रिय है।

दिलचस्प बात यह है कि इतने वर्षों बाद भी लोग उन्हें उनके असली नाम से कम और 'सूरमा भोपाली' के नाम से ज्यादा पहचानते हैं।


400 से ज्यादा फिल्मों में किया काम

जगदीप का फिल्मी करियर छह दशक से भी ज्यादा लंबा रहा।

उन्होंने अपने करियर में लगभग 400 फिल्मों में अभिनय किया। उनकी प्रमुख फिल्मों में शामिल हैं—

  • शोले
  • अंदाज़ अपना अपना
  • पुराना मंदिर
  • ब्रह्मचारी
  • आर-पार
  • हम पंछी एक डाल के
  • दो बीघा ज़मीन (बाल कलाकार)

हर फिल्म में उनका अंदाज़ अलग होता था और यही उनकी सबसे बड़ी ताकत थी।


कॉमेडी की दुनिया के बेमिसाल कलाकार

जगदीप की कॉमेडी कभी फूहड़ नहीं होती थी। वे चेहरे के हाव-भाव, आवाज़ और संवाद अदायगी से दर्शकों को हंसाते थे।

उनकी कॉमिक टाइमिंग इतनी शानदार थी कि छोटे-से दृश्य में भी वे पूरी महफिल लूट लेते थे।


परिवार से भी जुड़ा है फिल्मी दुनिया का रिश्ता

जगदीप के बेटे जावेद जाफरी और नवेद जाफरी भी मनोरंजन जगत के जाने-माने नाम हैं।

जावेद जाफरी ने अभिनय, डांस और टीवी होस्टिंग में अपनी अलग पहचान बनाई, जबकि नवेद जाफरी भी कई लोकप्रिय टीवी शोज़ और फिल्मों का हिस्सा रहे हैं।


8 जुलाई 2020 को कहा दुनिया को अलविदा

8 जुलाई 2020 को 81 वर्ष की उम्र में जगदीप का निधन हो गया।

उनके जाने से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री ने एक ऐसा कलाकार खो दिया जिसकी जगह भर पाना आसान नहीं है। आज भी उनकी फिल्में और किरदार नई पीढ़ी को उतना ही हंसाते हैं, जितना दशकों पहले हंसाते थे।


जगदीप की विरासत हमेशा रहेगी अमर

कुछ कलाकार अपनी फिल्मों से आगे बढ़कर याद किए जाते हैं और जगदीप उन्हीं में से एक हैं।

उन्होंने यह साबित किया कि सच्ची कॉमेडी समय के साथ पुरानी नहीं होती। उनकी मुस्कान, संवाद और अदाकारी हमेशा हिंदी सिनेमा के इतिहास का सुनहरा अध्याय बने रहेंगे।

आज उनकी पुण्यतिथि पर FilmyRaaz की ओर से जगदीप जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि। 🙏🌹


FAQ

Q. जगदीप का असली नाम क्या था?
उत्तर: सैयद इश्तियाक अहमद जाफरी।

Q. जगदीप का सबसे प्रसिद्ध किरदार कौन-सा है?
उत्तर: फिल्म शोले का 'सूरमा भोपाली'।

Q. जगदीप का निधन कब हुआ था?
उत्तर: 8 जुलाई 2020।

Q. जगदीप ने कितनी फिल्मों में काम किया था?
उत्तर: उन्होंने अपने लंबे करियर में लगभग 400 फिल्मों में अभिनय किया।


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