नाना पाटेकर की पूरी कहानी: ₹35 से शुरू हुआ सफर, National Award से Padma Shri तक
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| रणबीर कपूर की अनसुनी कहानी |
कुछ कलाकार फिल्मों में आते हैं और कुछ कलाकार धीरे-धीरे फिल्मों का हिस्सा बन जाते हैं। रणबीर कपूर की कहानी इन दोनों के बीच कहीं खड़ी दिखाई देती है। उनके पास बॉलीवुड के सबसे प्रतिष्ठित फिल्मी परिवारों में जन्म लेने का फायदा था, लेकिन उस विरासत के साथ एक ऐसा दबाव भी था, जिससे निकलना आसान नहीं था। दर्शकों की निगाहें उनके पहले कदम से ही उन पर थीं—क्या वह सिर्फ ऋषि कपूर के बेटे और राज कपूर के पोते बनकर रह जाएंगे, या अपनी एक अलग पहचान बनाएंगे?
28 सितंबर 1982 को जन्मे रणबीर कपूर आज हिंदी सिनेमा के उन अभिनेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने रोमांटिक हीरो, लापरवाह युवा, टूटे हुए प्रेमी, महत्वाकांक्षी संगीतकार, संजीदा किरदार, बायोपिक के पात्र और बेहद हिंसक एंटी-हीरो जैसे बिल्कुल अलग-अलग शेड्स पर्दे पर निभाए हैं। उनकी फिल्मोग्राफी में Wake Up Sid, Rocket Singh: Salesman of the Year, Rockstar, Barfi!, Tamasha, Sanju, Brahmastra, Tu Jhoothi Main Makkaar और Animal जैसे अलग-अलग मिजाज के किरदार दिखाई देते हैं।
लेकिन रणबीर कपूर की कहानी सिर्फ हिट फिल्मों की कहानी नहीं है। इसमें एक मशहूर कपूर परिवार की विरासत, पिता ऋषि कपूर के साथ जटिल रिश्ता, शुरुआती फिल्मों के उतार-चढ़ाव, निजी जिंदगी को लेकर लगातार मीडिया की दिलचस्पी, आलोचनाओं से गुजरना और फिर Sanju तथा Animal जैसी फिल्मों के जरिए अपने अभिनय की एक नई तस्वीर पेश करना भी शामिल है।
आज जब वह नितेश तिवारी की Ramayana में भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं और संजय लीला भंसाली की Love & War में भी नजर आने वाले हैं, तब रणबीर कपूर का सफर एक नए दौर में प्रवेश करता दिखाई देता है।
रणबीर कपूर का जन्म मुंबई में अभिनेता ऋषि कपूर और अभिनेत्री नीतू सिंह के घर हुआ। वह कपूर परिवार की चौथी पीढ़ी से आते हैं। उनके परदादा पृथ्वीराज कपूर, दादा राज कपूर और पिता ऋषि कपूर हिंदी सिनेमा के इतिहास में अपनी अलग पहचान बना चुके थे। उनके परिवार में रणधीर कपूर और दिवंगत राजीव कपूर उनके चाचा रहे, जबकि करीना कपूर खान और करिश्मा कपूर उनकी चचेरी बहनें हैं।
इस परिवार का नाम अपने आप में बॉलीवुड की एक संस्था जैसा रहा है। इसलिए रणबीर के लिए फिल्म इंडस्ट्री में प्रवेश का रास्ता शायद दूसरों की तुलना में आसान रहा हो, लेकिन उनसे अपेक्षाएं भी उसी अनुपात में बड़ी थीं।
रणबीर ने मुंबई के बॉम्बे स्कॉटिश स्कूल में पढ़ाई की और बाद में एच.आर. कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स से पढ़ाई की। इसके बाद वह न्यूयॉर्क गए, जहां उन्होंने फिल्म निर्माण और अभिनय से जुड़े प्रशिक्षण लिए। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने School of Visual Arts में फिल्ममेकिंग का अध्ययन किया और Lee Strasberg Theatre & Film Institute में अभिनय का प्रशिक्षण लिया।
दिलचस्प बात यह है कि अभिनय में आने से पहले ही रणबीर फिल्म निर्माण की प्रक्रिया के करीब पहुंच चुके थे। उन्होंने संजय लीला भंसाली की Black में सहायक के तौर पर काम किया था। यानी कैमरे के सामने आने से पहले वह कैमरे के पीछे फिल्म बनाने की प्रक्रिया को समझने की कोशिश कर चुके थे। IMDb भी उन्हें Black और Saawariya के दौरान भंसाली के साथ काम करने वाले कलाकार के रूप में दर्ज करता है।
रणबीर कपूर के करियर की एक दिलचस्प कहानी उनके पिता ऋषि कपूर से जुड़ी है। रणबीर ने अलग-अलग मौकों पर बताया है कि उनके पिता चाहते थे कि वह सिर्फ कपूर परिवार का नाम लेकर फिल्म इंडस्ट्री में प्रवेश न करें, बल्कि अभिनय की तैयारी करें।
एक बातचीत में रणबीर ने बताया था कि न्यूयॉर्क में अभिनय की पढ़ाई के दौरान उनके पिता ने उन्हें सीमित बजट में रहने को कहा था। रणबीर ने खुद स्वीकार किया कि वह विशेषाधिकार प्राप्त परिवार से आते थे, लेकिन उस दौर ने उन्हें अकेले रहने और अपने पैरों पर खड़े होने का अनुभव दिया।
यही वह अंतर था जो रणबीर की यात्रा को थोड़ा अलग बनाता है। उन्हें फिल्मी परिवार से अवसर मिला, लेकिन अभिनय सीखने और खुद को साबित करने की प्रक्रिया से उन्हें भी गुजरना पड़ा।
ऋषि कपूर और रणबीर का रिश्ता भी हमेशा सिर्फ पिता-पुत्र का सरल रिश्ता नहीं रहा। रणबीर ने अपने पिता के सख्त स्वभाव और उनके साथ अपने रिश्ते के बारे में खुलकर बात की है। उनके अनुसार कई बार दोनों के बीच दूरी भी रही, लेकिन समय के साथ उनके रिश्ते में समझ बढ़ी।
रणबीर कपूर ने 2007 में संजय लीला भंसाली की फिल्म Saawariya से बतौर अभिनेता बॉलीवुड में कदम रखा। फिल्म में उनके साथ सोनम कपूर ने भी डेब्यू किया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर वैसी सफलता हासिल नहीं कर सकी जैसी उम्मीद की जा रही थी, लेकिन रणबीर के अभिनय और स्क्रीन प्रेजेंस ने फिल्म इंडस्ट्री को यह संकेत जरूर दे दिया कि कपूर परिवार की नई पीढ़ी में कुछ अलग करने की क्षमता है।
रणबीर के लिए Saawariya एक बड़ी फिल्म के साथ शुरुआत थी, लेकिन असली परीक्षा इसके बाद शुरू हुई।
एक स्टार किड के लिए पहली फिल्म का सफल होना महत्वपूर्ण होता है, लेकिन उससे भी महत्वपूर्ण होता है यह साबित करना कि वह सिर्फ अपने परिवार की वजह से चर्चा में नहीं है।
रणबीर को जल्द ही यह मौका मिला।
2008 में आई Bachna Ae Haseeno ने रणबीर को एक ऐसे युवा अभिनेता के रूप में स्थापित करना शुरू किया, जिसके भीतर रोमांस और कॉमेडी दोनों करने की क्षमता थी।
फिल्म में उन्होंने राज शर्मा का किरदार निभाया और उनके साथ दीपिका पादुकोण, बिपाशा बसु और मिनिषा लांबा नजर आईं। फिल्म की कहानी एक ऐसे युवक के आसपास घूमती है जो रिश्तों और जिंदगी के अनुभवों से धीरे-धीरे परिपक्व होता है।
यहीं से रणबीर की निजी जिंदगी भी मीडिया के लिए ज्यादा दिलचस्प होने लगी। लेकिन पेशेवर तौर पर देखें तो इस फिल्म ने उन्हें एक ऐसे अभिनेता के रूप में आगे बढ़ाया जो सिर्फ पारंपरिक रोमांटिक हीरो नहीं बनना चाहता था।
2009 रणबीर कपूर के करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण साल साबित हुआ।
अयान मुखर्जी की Wake Up Sid में उन्होंने सिद्धार्थ मेहरा का किरदार निभाया। यह एक ऐसे युवा की कहानी थी जो कॉलेज की जिंदगी में बिना किसी स्पष्ट दिशा के घूम रहा है और धीरे-धीरे अपने जीवन का अर्थ समझना शुरू करता है। उनके साथ कोंकणा सेन शर्मा थीं।
इस फिल्म ने रणबीर के भीतर मौजूद सहज अभिनय को सामने रखा। वह यहां किसी बड़े स्टार की तरह अभिनय करते नजर नहीं आए, बल्कि एक आम युवा की तरह दिखाई दिए।
इसी साल Rocket Singh: Salesman of the Year आई। फिल्म में रणबीर ने एक ऐसे युवा का किरदार निभाया जो कॉरपोरेट दुनिया की जटिलताओं के बीच अपना रास्ता बनाने की कोशिश करता है।
इन्हीं फिल्मों ने रणबीर को यह मौका दिया कि दर्शक उन्हें सिर्फ कपूर परिवार के उत्तराधिकारी के तौर पर नहीं, बल्कि एक अभिनेता के रूप में देखने लगें।
2010 में प्रकाश झा की Raajneeti ने रणबीर को एक बिल्कुल अलग अवतार में पेश किया। फिल्म में उनके साथ अजय देवगन, नाना पाटेकर, मनोज बाजपेयी, अर्जुन रामपाल और कैटरीना कैफ जैसे कलाकार थे। रणबीर ने समर प्रताप का किरदार निभाया।
यह फिल्म उनके रोमांटिक इमेज से बिल्कुल अलग थी। राजनीतिक ड्रामा में उनका किरदार सत्ता, परिवार और महत्वाकांक्षा के बीच फंसा हुआ युवक था।
यहीं से रणबीर की एक खास खूबी सामने आने लगी—वह अलग-अलग निर्देशकों की दुनिया में अपने अभिनय को ढाल सकते थे।
2011 में इम्तियाज अली की Rockstar ने रणबीर कपूर के करियर की दिशा ही बदल दी।
फिल्म में उन्होंने जनार्दन जाखड़ यानी जॉर्डन का किरदार निभाया। एक साधारण युवा से संगीत की दुनिया के जुनूनी कलाकार बनने तक की यात्रा को रणबीर ने बेहद तीव्रता के साथ निभाया। फिल्म के संगीत में ए.आर. रहमान का योगदान था और रणबीर के अभिनय ने किरदार को भावनात्मक गहराई दी।
Rockstar के बाद रणबीर के बारे में यह कहना संभव हुआ कि वह सिर्फ स्टार नहीं हैं, बल्कि जोखिम लेने वाला अभिनेता भी हैं।
फिल्म के लिए उन्होंने भावनात्मक और शारीरिक स्तर पर खुद को किरदार के अनुरूप ढाला। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें Filmfare में Best Actor और Critics’ Award सहित सम्मान मिले।
अगर Rockstar में रणबीर ने गुस्सा, जुनून और टूटन को आवाज दी थी, तो 2012 की Barfi! में उन्होंने लगभग बिना संवाद के अभिनय की ताकत दिखाई।
अनुराग बसु की इस फिल्म में रणबीर ने मर्फी यानी बरफी का किरदार निभाया। उनके साथ प्रियंका चोपड़ा और इलियाना डिक्रूज थीं।
यह किरदार शारीरिक हावभाव, चेहरे के भाव और मासूमियत पर टिका था। रणबीर ने संवादों पर निर्भर हुए बिना दर्शकों से भावनात्मक रिश्ता बनाया।
Barfi! के लिए रणबीर को Filmfare Best Actor का पुरस्कार मिला।
2013 में अयान मुखर्जी की Yeh Jawaani Hai Deewani आई। फिल्म में रणबीर कपूर के साथ दीपिका पादुकोण, आदित्य रॉय कपूर और कल्कि कोचलिन थे। रणबीर ने कबीर थापर यानी बनी का किरदार निभाया।
बनी एक ऐसा युवक था जो दुनिया घूमना चाहता था, करियर बनाना चाहता था और किसी एक जगह बंधकर नहीं रहना चाहता था।
फिल्म के जरिए रणबीर ने उस पीढ़ी की बेचैनी और सपनों को पर्दे पर आवाज दी, जो प्यार और करियर के बीच अपना रास्ता तलाश रही थी।
दिलचस्प बात यह भी थी कि फिल्म में उनके साथ दीपिका पादुकोण थीं, जिनके साथ रणबीर का अतीत सार्वजनिक चर्चा का विषय रह चुका था। इसके बावजूद दोनों ने पर्दे पर बनी और नैना की कहानी को केंद्र में रखा। दोनों ने बाद में भी अपने पेशेवर रिश्ते के बारे में सार्वजनिक रूप से बात की।
रणबीर कपूर का करियर लगातार सफल फिल्मों की सीधी रेखा नहीं रहा।
Besharam, Roy, Bombay Velvet, Tamasha और Jagga Jasoos जैसी फिल्मों ने अलग-अलग स्तर पर उन्हें चुनौतियां दीं। खास तौर पर Bombay Velvet और Jagga Jasoos जैसी परियोजनाओं से दर्शकों की अपेक्षाएं बड़ी थीं, लेकिन उनका व्यावसायिक प्रदर्शन वैसा नहीं रहा जैसा उम्मीद की जा रही थी।
लेकिन यही दौर रणबीर की फिल्मोग्राफी को दिलचस्प बनाता है।
उन्होंने सुरक्षित रास्ता चुनने के बजाय ऐसे किरदार और निर्देशक भी चुने जिनमें जोखिम था।
Tamasha में उन्होंने इम्तियाज अली के साथ फिर काम किया। Ae Dil Hai Mushkil में वह अनुष्का शर्मा और ऐश्वर्या राय बच्चन के साथ नजर आए। इसके बाद Sanju ने उनके करियर को एक बार फिर जबरदस्त मोड़ दिया।
2018 की राजकुमार हिरानी निर्देशित Sanju में रणबीर कपूर ने अभिनेता संजय दत्त की भूमिका निभाई।
यह सिर्फ मेकअप बदलने वाला किरदार नहीं था। रणबीर को संजय दत्त की अलग-अलग उम्र, आवाज, चाल-ढाल और व्यक्तित्व के अलग-अलग दौर को पर्दे पर दिखाना था।
Filmfare ने भी उनके प्रदर्शन में शारीरिक बदलाव और आवाज के मॉड्यूलेशन को विशेष रूप से रेखांकित किया।
इस फिल्म के लिए रणबीर को 2019 में Filmfare Best Actor का पुरस्कार मिला।
Sanju ने एक बार फिर यह साबित किया कि रणबीर किसी किरदार को सिर्फ निभाने की कोशिश नहीं करते, बल्कि उसकी शारीरिक भाषा और मानसिक स्थिति को समझकर पर्दे पर उतार सकते हैं।
2022 में Brahmastra: Part One – Shiva के साथ रणबीर ने बड़े पैमाने की फैंटेसी फिल्म में कदम रखा। फिल्म में उनके साथ आलिया भट्ट थीं और अमिताभ बच्चन, नागार्जुन तथा मौनी रॉय भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में थे।
इसके बाद 2023 में संदीप रेड्डी वांगा की Animal आई।
फिल्म में रणबीर ने रणविजय सिंह का किरदार निभाया। उनके साथ अनिल कपूर, बॉबी देओल, रश्मिका मंदाना और तृप्ति डिमरी नजर आए।
Animal ने रणबीर के स्टारडम को एक अलग स्तर पर पहुंचाया, लेकिन फिल्म की हिंसा, रिश्तों की प्रस्तुति और कुछ विचारों को लेकर बहस भी हुई। इसलिए Animal सिर्फ एक बड़ी व्यावसायिक फिल्म नहीं रही, बल्कि इसने रणबीर की स्क्रीन इमेज को लेकर भी काफी चर्चा पैदा की।
2024 में आयोजित Filmfare Awards में रणबीर को Animal के लिए Best Actor का पुरस्कार मिला।
रणबीर कपूर की फिल्मोग्राफी काफी विविध रही है। उन्होंने अपने करियर में कई प्रमुख अभिनेताओं और अभिनेत्रियों के साथ काम किया है।
उनकी प्रमुख सह-अभिनेत्रियों में सोनम कपूर (Saawariya), दीपिका पादुकोण (Bachna Ae Haseeno, Yeh Jawaani Hai Deewani, Tamasha), बिपाशा बसु और मिनिषा लांबा (Bachna Ae Haseeno), कोंकणा सेन शर्मा (Wake Up Sid), कैटरीना कैफ (Ajab Prem Ki Ghazab Kahani, Raajneeti, Rajneeti, Jagga Jasoos), प्रियंका चोपड़ा (Barfi!), इलियाना डिक्रूज (Barfi!), अनुष्का शर्मा (Bombay Velvet, Ae Dil Hai Mushkil), ऐश्वर्या राय बच्चन (Ae Dil Hai Mushkil), आलिया भट्ट (Brahmastra, Tu Jhoothi Main Makkaar में नहीं; बल्कि Brahmastra और आगे Love & War), श्रद्धा कपूर (Tu Jhoothi Main Makkaar), वाणी कपूर (Shamshera) और रश्मिका मंदाना व तृप्ति डिमरी (Animal) शामिल हैं।
पुरुष सह-कलाकारों में अजय देवगन, मनोज बाजपेयी, नाना पाटेकर, अमिताभ बच्चन, अनिल कपूर, बॉबी देओल, नागार्जुन और संजय दत्त जैसे बड़े नाम उनके साथ अलग-अलग फिल्मों में नजर आ चुके हैं।
यही विविधता बताती है कि रणबीर ने सिर्फ एक तरह के कलाकारों या फिल्मों के साथ खुद को सीमित नहीं रखा।
रणबीर कपूर की निजी जिंदगी लंबे समय तक उनकी फिल्मी जिंदगी के समान ही चर्चा में रही।
दीपिका पादुकोण के साथ उनके रिश्ते की चर्चा उनके शुरुआती करियर में खूब हुई। बाद में दोनों अलग हो गए, लेकिन वर्षों बाद Yeh Jawaani Hai Deewani और Tamasha में साथ काम किया।
इसके बाद रणबीर का नाम कैटरीना कैफ के साथ जुड़ा। दोनों ने Ajab Prem Ki Ghazab Kahani और Jagga Jasoos जैसी फिल्मों में साथ काम किया। उनके रिश्ते और बाद में हुए अलगाव की भी मीडिया में काफी चर्चा रही।
इन रिश्तों के कारण रणबीर पर मीडिया में 'Casanova' और 'cheater' जैसे लेबल भी लगाए गए। हालांकि रणबीर ने 2024 की एक बातचीत में कहा कि उन्हें लगता है कि लोगों ने उनकी निजी जिंदगी की पूरी कहानी जाने बिना ऐसा निष्कर्ष बनाया और उन्होंने इस तरह के लेबल को पूरी तरह सही नहीं माना। उन्होंने यह भी कहा कि निजी रिश्तों के बारे में वह सार्वजनिक रूप से किसी के खिलाफ बात नहीं करना चाहते।
यहां एक बात महत्वपूर्ण है—रणबीर की निजी जिंदगी से जुड़े कई किस्से वर्षों तक मीडिया रिपोर्टों और चर्चाओं का हिस्सा रहे हैं, लेकिन हर अफवाह को तथ्य मानना उचित नहीं है।
रणबीर कपूर और आलिया भट्ट की प्रेम कहानी Brahmastra के दौरान और उसके आसपास सार्वजनिक रूप से चर्चा में आई। दोनों ने 14 अप्रैल 2022 को शादी की। उसी साल नवंबर में उनकी बेटी राहा का जन्म हुआ।
शादी के बाद रणबीर और आलिया ने अपनी बेटी की निजी जिंदगी को काफी हद तक मीडिया की नजरों से बचाकर रखने की कोशिश की है।
हालिया बातचीत में आलिया ने रणबीर के साथ अपने रिश्ते को दोस्ती पर आधारित बताया। उन्होंने यह भी कहा कि बेटी के जन्म के बाद उनके रिश्ते में एक नया आयाम आया और अब दोनों माता-पिता के रूप में एक टीम की तरह काम करते हैं।
रणबीर ने भी अपनी बेटी के जन्म को अपने जीवन का बेहद भावनात्मक अनुभव बताया है। एक बातचीत में उन्होंने पिता बनने की भावना को बेहद गहरे शब्दों में व्यक्त किया था।
रणबीर कपूर के बारे में बात करते हुए 'नेपोटिज्म' का मुद्दा लगभग हमेशा सामने आता है। यह एक तथ्य है कि वह कपूर परिवार से आते हैं और फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें ऐसा पारिवारिक बैकग्राउंड मिला, जो बहुत कम लोगों को मिलता है।
लेकिन किसी कलाकार की पूरी यात्रा को केवल परिवार के नाम से समझना भी अधूरा होगा।
रणबीर की फिल्मोग्राफी में ऐसी फिल्में भी हैं जिनमें उन्होंने जोखिम उठाए और अपने स्टार इमेज के विपरीत किरदार किए। Rockstar, Barfi!, Tamasha, Sanju और Animal इस बात के उदाहरण हैं कि उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदारों के साथ प्रयोग किया।
यही कारण है कि रणबीर की कहानी में संघर्ष का अर्थ किसी आउटसाइडर की तरह आर्थिक या अवसरों की कमी वाला संघर्ष नहीं है। उनका संघर्ष अधिकतर अपनी विरासत के बीच अपनी व्यक्तिगत पहचान बनाने का संघर्ष रहा है।
रणबीर कपूर की कुल संपत्ति का कोई आधिकारिक, ऑडिटेड सार्वजनिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। इसलिए इंटरनेट पर मिलने वाली अलग-अलग नेट वर्थ संख्याओं को अंतिम सत्य मानना सही नहीं होगा।
2023 में GQ India की एक रिपोर्ट ने उनकी अनुमानित नेट वर्थ लगभग 345 करोड़ रुपये बताई थी। उसी रिपोर्ट में फिल्मों की फीस, ब्रांड एंडोर्समेंट, रियल एस्टेट, निवेश और कारोबारी हिस्सेदारी जैसे स्रोतों का उल्लेख किया गया था। यह आंकड़ा 2023 की मीडिया रिपोर्ट पर आधारित है और 2026 की वास्तविक संपत्ति का प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए।
रणबीर के कारोबारी हितों में मुंबई सिटी FC से जुड़ी हिस्सेदारी, कुछ स्टार्टअप निवेश और प्रोडक्शन से जुड़ी गतिविधियों का उल्लेख भी मीडिया में हुआ है। Jagga Jasoos के समय उन्होंने अनुराग बसु के साथ Picture Shuru Productions नाम की कंपनी के जरिए सह-निर्माता के रूप में काम किया था।
लाइफस्टाइल की बात करें तो रणबीर लग्जरी कारों, महंगी घड़ियों और प्रीमियम प्रॉपर्टीज के लिए भी चर्चा में रहते हैं। 2025 की एक GQ रिपोर्ट ने उनकी लगभग 3 करोड़ रुपये की नई कार खरीद का भी उल्लेख किया था।
रणबीर के बारे में कई छोटी-छोटी बातें उनके व्यक्तित्व की दूसरी तस्वीर सामने लाती हैं।
वह अभिनय के साथ-साथ फुटबॉल में भी रुचि रखते हैं और मुंबई सिटी FC से उनका जुड़ाव केवल एक सेलिब्रिटी निवेश तक सीमित नहीं रहा है। वह टीम के सह-मालिकों में शामिल रहे हैं।
उनकी एक और दिलचस्प आदत के बारे में पुरानी मीडिया रिपोर्टों में बताया गया कि कार में सफर करते समय वह कई बार सामने आने वाली गाड़ियों के नंबर प्लेट के अंकों को जोड़ने लगते थे। उनके बारे में यह भी रिपोर्ट किया गया है कि उन्हें बायोग्राफी और आत्मकथाएं पढ़ना पसंद है।
रणबीर ने फिल्मों में आने से पहले कैमरे के पीछे काम किया। यह तथ्य उनकी यात्रा को खास बनाता है, क्योंकि उन्होंने फिल्मी दुनिया को केवल अभिनेता के नजरिए से नहीं बल्कि सहायक के तौर पर भी देखा।
और शायद सबसे दिलचस्प बात यह है कि जिस परिवार में अभिनय पीढ़ियों से चलता आया, उसी परिवार का यह बेटा शुरुआत से ही यह समझता था कि सिर्फ कपूर होना काफी नहीं है।
सितंबर 2026 तक रणबीर कपूर के करियर का सबसे बड़ा अगला पड़ाव नितेश तिवारी की Ramayana: Part One है, जिसमें वह भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म में साई पल्लवी सीता और यश रावण की भूमिका में हैं। फिल्म को 2026 में दिवाली के आसपास रिलीज करने की योजना बताई गई है।
रणबीर ने San Diego Comic-Con 2026 में भगवान राम की भूमिका निभाने को लेकर अपने मन में मौजूद जिम्मेदारी और डर के बारे में भी बात की थी।
इसके बाद संजय लीला भंसाली की Love & War भी उनके करियर की बड़ी फिल्मों में शामिल है। इसमें रणबीर के साथ आलिया भट्ट और विक्की कौशल मुख्य भूमिकाओं में हैं। सितंबर 2026 में रणबीर का फिल्म से पहला लुक जारी किया गया और फिल्म की थिएट्रिकल रिलीज 21 जनवरी 2027 निर्धारित बताई गई है।
यह प्रोजेक्ट इसलिए भी खास है क्योंकि रणबीर पहली बार लंबे अंतराल के बाद अपने शुरुआती करियर के निर्देशक संजय लीला भंसाली के साथ फिर काम कर रहे हैं—वही भंसाली जिनकी Saawariya से रणबीर ने बतौर अभिनेता शुरुआत की थी।
एक तरह से देखें तो कहानी एक पूरा चक्र पूरा करती हुई नजर आती है।
रणबीर कपूर की कहानी को सिर्फ 'स्टार किड' की कहानी कहना आसान है, लेकिन उनकी फिल्मोग्राफी को ध्यान से देखने पर तस्वीर थोड़ी ज्यादा जटिल नजर आती है।
उन्हें कपूर परिवार का नाम विरासत में मिला। उन्हें इंडस्ट्री में प्रवेश का अवसर मिला। लेकिन उस नाम के साथ एक बहुत बड़ा बोझ भी मिला—अपने दादा राज कपूर और पिता ऋषि कपूर जैसी विरासत के सामने खड़े होने का।
Saawariya से शुरू हुआ सफर Rockstar तक पहुंचा, Barfi! में अभिनय की नई भाषा मिली, Yeh Jawaani Hai Deewani ने उन्हें युवा पीढ़ी का चेहरा बनाया, Sanju ने उनके भीतर के अभिनेता को फिर सामने रखा और Animal ने उनके स्टारडम का एक बिल्कुल अलग रूप दिखाया।
आज उनके सामने Ramayana जैसी चुनौती है, जिसमें वह भगवान राम जैसे सांस्कृतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण किरदार को निभा रहे हैं। इसके बाद Love & War में संजय लीला भंसाली की दुनिया उनका इंतजार कर रही है।
रणबीर कपूर के सफर की सबसे दिलचस्प बात शायद यही है कि उन्हें शुरुआत में पहचान अपने परिवार से मिली थी, लेकिन वर्षों बाद दर्शकों ने उनके किरदारों को उनके अपने नाम से याद करना शुरू किया।
कपूर खानदान की विरासत उनके साथ जरूर चलती है, लेकिन रणबीर कपूर की असली कहानी उन किरदारों में लिखी गई है जिन्हें उन्होंने बार-बार अपने तरीके से जीने की कोशिश की।
और शायद एक अभिनेता के लिए इससे बड़ी उपलब्धि यही है—कि एक दिन लोग उसके परिवार का नाम लेकर नहीं, उसके अपने काम का नाम लेकर उसे याद करें।
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